पटना: बिहार के वैशाली जिले में दलित ग्रामीणों ने एक 91 वर्षीय महिला की चिता सड़क के बीचों-बीच जला दी, क्योंकि कथित तौर पर उन्हें स्थानीय श्मशान घाट में जाने से रोका गया. इससे तनाव पैदा हो गया और जांच शुरू हो गई है.
ग्रामीणों और पुलिस के अनुसार, सोनधो-वासुदेव गांव (गोरौल थाना क्षेत्र) की रहने वाली झपसी देवी की अंतिम यात्रा गुरुवार को श्मशान घाट की ओर जा रही थी, तभी कुछ दबंग ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया. क्रोधित होकर ग्रामीणों ने शव को सड़क के बीच में ले जाकर वहां ही पूर्ण वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया. झपसी की मौत बुधवार रात को हुई थी.
महिला के बेटे संजीत मांझी ने कहा कि परिवार के पास कोई विकल्प नहीं बचा था. जब हम लोगों को जाने नहीं दिया, तो गांव के लोग बोले कि यही (सड़क) पर फूंक दो. प्रक्रिया में शामिल एक अन्य ग्रामीण मेवालाल मांझी (67) ने गहरी निराशा जताई. मेवालाल ने कहा कि हम गरीब हैं, न घर है न जमीन. अब हमारे मरने वालों के शवों को भी जलाने नहीं दिया जा रहा.