नई दिल्ली: पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा 26 भारतीय नागरिकों को मारने की आग अभी ठंडी नहीं हुई है, पूरा देश पाकिस्तान से इस कायराना हमले का बदला लेने की मांग कर रहा है. यही वजह है कि भारत इस आतंकी देश के ऊपर चौतरफा प्रहार कर रहा है. जिसमें सबसे पहला प्रहार पाकिस्तान पर सिंधु समझौता रद्द कर वाटर बॉम्ब फोड़ा है, तो वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में योगी आदित्यनाथ के मॉडल पर आतंकवादियों के घरों को मिट्टी में मिलाया जा रहा है. 10 हजार से ज्यादा सैनिक घाटी में एक्टिव आतंकियों की तलाश में महाअभियान चला रहे हैं. इस सबके साथ ही भारत ने आईएनएस विक्रांत और सूरत को पाकिस्तान की जल सीमा के पास तैनात कर दिया है. साथ ही सेना भी बॉर्डर पर पूरी तरह से एक्टिव हो चुकी है. इन सब अपडेट्स के बीच एक सबसे बड़ी अपडेट और सामने आ है कि भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान आज शाम एक अहम मुलाकात करने वाले हैं.
CDS और रक्षामंत्री की मुलाकात के मायने का हैं?
इस युद्ध के हालातों में सीडीएस अनिल चौहान और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुलाकात करने वाले हैं. इस मुलाकात को काफी ज्यादा अहम इस लिए भी माना जा रहा है कि हो सकता है इसी मुलाकात के दौरान पाकिस्तान की बदकिस्मती पर मुहर लग जाए, यानि कि ये भी माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद पाकिस्तान पर फाइनली हमला करने का फैसला लिया जा सकता है. क्योंकि किसी भी देश पर हमला करने के लिए सीडीएस और रक्षा मंत्री का काफी योगदान होता है. इस बैठक में भारतीय सेना इस बात पर चर्चा होगी कि भारतीय सेना किस-किस मोर्चे पर मजबूती के साथ तैनात है. और किस तरफ से सबसे पहले आक्रमण किया जाना चाहिए. युद्ध से जुड़ी कई अहम रणनीतियों पर इसम मुलाकात में चर्चा होने वाली है. ऐसे में ये कहा जा सकता है कि इस मीटिंग के बाद पाकिस्तान पर हमले की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी. फिर कभी भी भारत इस आतंक के आका पाकिस्तान पर हमला कर सकता है.