Anamta Ahmed: मुंबई की 17 वर्षीय अनामता अहमद हर साल रक्षाबंधन पर गुजरात के वलसाड पहुंचती हैं. वहां वे 16 वर्षीय शिवम मिस्त्री को राखी बांधती हैं. शिवम की छोटी बहन रिया की बदौलत अनामता को नया हाथ मिला था. 2022 में अलीगढ़ में छत पर खेलते समय अनामता 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन से टकरा गईं. दोनों हाथ बुरी तरह जल गए. दायां हाथ कंधे से काटना पड़ा, बायां हाथ बच गया. तब वे महज 13 साल की थीं.
सितंबर 2024 में 9 वर्षीय रिया मिस्त्री ब्रेन हेमरेज के बाद ब्रेन डेड घोषित हो गईं. उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लिया. रिया के किडनी, लिवर, एक हाथ, फेफड़े और कॉर्निया दान किए गए. मुंबई के ग्लोबल हॉस्पिटल में डॉ. निलेश सतभाया ने अनामता को रिया का हाथ ट्रांसप्लांट किया. यह कंधे स्तर का हाथ प्रत्यारोपण पाने वाली दुनिया की सबसे छोटी प्राप्तकर्ता बनीं. आज वे इस हाथ से रोजमर्रा के काम कर लेती हैं.
इस ट्रांसप्लांट ने सिर्फ हाथ नहीं, एक नया परिवार भी दिया. रिया के माता-पिता तृष्णा और बॉबी मिस्त्री तथा भाई शिवम अब अनामता के अपने हो गए हैं. रक्षाबंधन पर वलसाड पहुंचने पर गांववाले उन्हें भावुक स्वागत करते हैं. कई लोग रिया का हाथ छूकर भावुक हो जाते हैं.
अनामता कहती हैं, “मुझे लगता है जैसे मैं घर आई हूं… अपने माता-पिता और खासकर भाई शिवम से मिलने. मैं इस जगह की हूं.” शिवम कहते हैं, “ऐसा लगता है जैसे मेरी बहन वापस आकर राखी बांध रही हो.” उन्होंने अनामता को मेकअप बॉक्स गिफ्ट किया, जो रिया को पसंद था. दोनों परिवार अलग-अलग धर्म के हैं, लेकिन अनामता कहती हैं, “हमारे बीच कभी धर्म नहीं आया. कुछ रिश्ते खून से नहीं, इंसानियत से बनते हैं. यही भारत है जिस पर मुझे गर्व है.”