नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मोकामा सीट ने फिर सनसनी मचा दी. 'छोटे सरकार' अनंत सिंह ने जेल की सलाखों के पीछे से तीसरी बार जीत का परचम लहराया. 26 राउंड की मतगणना के बाद अनंत ने राजद की वीणा देवी को 28,206 वोटों के बड़े अंतर से हराया. अनंत को 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा देवी 63,210 पर सिमट गईं.
जन सुराज के पियूष प्रियदर्शी 19,365 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे. 2005 से मोकामा अनंत का अभेद्य गढ़ बना हुआ है. पहली जीत महज 1,769 वोटों से मिली थी, लेकिन 2015, 2020 और अब 2025 में तीसरी बार जेल से लड़कर उन्होंने अनोखा रिकॉर्ड कायम किया. इस बार की खास बात रही NOTA. कुल 4,609 मतदाताओं ने 'कोई नहीं' का बटन दबाया. यह संख्या पांच उम्मीदवारों से ज्यादा है.
डॉ. राजेश कुमार रत्नाकर, अनिल कुमार, राहुल कुमार, मंजू कुमारी और विकास कुमार ये सभी NOTA से पीछे रह गए. मतदाताओं ने साफ संदेश दिया कि उन्हें कोई भी विकल्प पसंद नहीं, तो खारिज ही करेंगे.
पटना में अनंत के आवास पर तीन दिन से जश्न की धूम थी. 50,000 लोगों के लिए भोज, 2 लाख रसगुल्ले और बाहर लगा पोस्टर 'जेल का फाटक टूटेगा, मेरा शेर छूटेगा' यह नारा पूरे चुनाव का हिट स्लोगन बन गया. समर्थक बड़ी स्क्रीन पर रुझान देखते रहे और हर अपडेट पर नारे गूंजते रहे. जेल में बंद अनंत की जीत अब सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि एक भावनात्मक विद्रोह बन चुकी है.