चेन्नई: तमिलनाडु में ठेकेदारों ने मार्च में जब अंडों के दाम गिर गए थे, तब 20 करोड़ अंडे खरीदकर स्टोर कर लिए थे. इन अंडों को पूरे साल स्कूली बच्चों के मिड-डे मील में सप्लाई करने की योजना है. भाजपा नेता के.
अन्नामलाई ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी. अन्नामलाई ने विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ठेकेदारों ने बड़े पैमाने पर अंडे जमा कर रखे हैं. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मार्च में जब अंडे का भाव घटकर ₹3.70 प्रति पीस रह गया था, तब ठेकेदारों ने करीब 20 करोड़ अंडे खरीदकर कोल्ड स्टोरेज में रख दिए थे.
सरकार मिड-डे मील योजना के तहत अंडों का फिक्स्ड रेट ₹5.63 प्रति पीस तय करती है. अन्नामलाई ने कहा कि ठेकेदार सस्ते दाम पर अंडे खरीदकर पूरे साल सप्लाई करने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह सिर्फ खरीदारी का मुद्दा नहीं है, बल्कि लाखों स्कूली बच्चों की सेहत और उनके माता-पिता के विश्वास का सवाल है.
अन्नामलाई ने आगे लिखा, "अंडा ऐसा उत्पाद नहीं है जो लंबे समय तक खराब हुए बिना रह सके. कोल्ड स्टोरेज में महीनों तक रखने के बाद जब इन्हें दूर-दराज के गांवों के स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा, तो इनकी गुणवत्ता, पोषण मूल्य और खाद्य सुरक्षा निश्चित रूप से प्रभावित होगी."
अन्नामलाई ने लिखा, "बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती." तमिलनाडु में पहले भी मिड-डे मील में सड़े अंडे मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं. राज्य में प्रतिदिन लगभग 40.82 लाख छात्र-छात्राएं पौष्टिक दोपहर भोजन योजना का लाभ लेते हैं.