Prateek Yadav death mystery : प्रतीक यादव के निधन के बाद यादव परिवार जहां सार्वजनिक रूप से शोक में डूबा दिखा. वहीं, कालिदास मार्ग स्थित आवास के भीतर एक घटनाक्रम अब सबसे ज्यादा चर्चा में है. अपर्णा यादव के लखनऊ पहुंचने, प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर के घर आने और परिवार के जुटने के बीच एक ऐसा पल भी आया, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए. बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव के पहुंचने और प्रतीक को श्रद्धांजलि देने के बाद अपर्णा यादव और अखिलेश यादव के बीच बंद कमरे में कुछ देर तक खास बातचीत हुई, जिसमें परिवार के दूसरे सदस्य भी शामिल नहीं हुए.
बाहर पूरा यादव परिवार, करीबी रिश्तेदार और समर्थक इंतजार करते रहे, लेकिन कमरे के भीतर क्या बातचीत हुई, इसे लेकर सियासी गलियारों से लेकर समर्थकों तक में चर्चा तेज हो गई. प्रतीक यादव की अचानक मौत ने पहले ही परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. ऐसे में अपर्णा और अखिलेश की यह निजी मुलाकात सिर्फ पारिवारिक संवेदना थी या फिर मौत से जुड़े हालात. इसको लेकर अटकलें तेज हैं.
सूत्रों के मुताबिक परिवार फिलहाल बेहद संवेदनशील स्थिति में है और हर कदम बेहद सावधानी से रखा जा रहा है. अखिलेश यादव ने पोस्टमार्टम हाउस में भी कहा था कि परिवार एकजुट है और आगे जो भी फैसला होगा, वह परिवार की सहमति से होगा. यही बयान अब उस बंद कमरे की बातचीत को और अहम बना रहा है.
राजनीतिक रूप से भी यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अपर्णा यादव बीजेपी से जुड़ी हैं. जबकि, अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया हैं. ऐसे में निजी शोक के बीच परिवार की अंदरूनी बातचीत ने सियासी हलकों में भी तपिशबढ़ा दी है. फिलहाल पूरा यादव कुनबा अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है, लेकिन बंद कमरे की वह बातचीत अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है.