Prateek yadav Death News : समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की संदिग्ध मौत अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गई है. मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था डीके फाउंडेशन ने इस मामले को केवल सामान्य मौत नहीं, बल्कि संभावित हत्या का एंगल बताते हुए NHRC में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. संस्था ने अपनी याचिका में दावा किया है कि शुरुआती तौर पर भले ही मौत की वजह कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स यानी हृदय गति रुकना बताई जा रही हो, लेकिन प्रतीक यादव के शरीर पर पाए गए कथित एंटी-मॉर्टम इंजरी मार्क्स और मौत की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं.
शिकायत में कहा गया है कि फिटनेस और अनुशासित जीवनशैली के लिए पहचाने जाने वाले प्रतीक यादव की अचानक मौत को बिना गहराई से जांचे सामान्य मान लेना न्याय के साथ समझौता होगा. संस्था ने आशंका जताई है कि मामले में राजनीतिक प्रभाव या दबाव जांच को प्रभावित कर सकता है, इसलिए निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.
डीके फाउंडेशन ने NHRC से तीन बड़ी मांगें रखी हैं कि पूरे मामले की जांच के लिए तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए ताकि हर पहलू की स्वतंत्र पड़ताल हो सके.
दूसरी, लखनऊ सिविल अस्पताल से लेकर संबंधित रूट तक के सभी सीसीटीवी फुटेज को तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में सुरक्षित किया जाए, जिससे किसी भी संभावित साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो. तीसरी, पोस्टमार्टम और अन्य फॉरेंसिक जांच को राज्य सरकार के प्रभाव से अलग रखते हुए केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब (CFSL) से कराया जाए.