लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा चलाई गई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है. इस संशोधन में राज्य में पहले दर्ज लगभग 15.44 करोड़ मतदाताओं में से अब ड्राफ्ट लिस्ट में 12.55 करोड़ नाम ही बचे हैं. यानी करीब 2.89 करोड़ नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, SIR के दौरान 81.30 प्रतिशत मतदाताओं ने फॉर्म जमा किए, जबकि 18.70 प्रतिशत ने नहीं.
नाम हटने के मुख्य कारणों में शामिल हैं...
इसके अलावा, करीब 1.4 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा, जिन्हें चुनाव आयोग द्वारा मान्य 13 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी एक को जमा करके अपनी पात्रता साबित करनी होगी. अगर ड्राफ्ट सूची में आपका नाम नहीं है या कोई गलती है, तो घबराने की जरूरत नहीं. आपके पास दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा मौका है.
प्रक्रिया इस प्रकार है...
ये फॉर्म 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक जमा किए जा सकते हैं. आप इन्हें ऑनलाइन voters.eci.gov.in वेबसाइट या ECINET ऐप के जरिए भर सकते हैं, या फिर अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क कर ऑफलाइन जमा कर सकते हैं. आपत्तियों और दावों के निपटारे की प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 तक चलेगी. अंत में, 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जो आने वाले चुनावों के लिए आधार बनेगी.
निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी ड्राफ्ट लिस्ट चेक करें और जरूरी कदम उठाएं, ताकि कोई पात्र व्यक्ति वोट देने से वंचित न रहे. यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए की गई है.