मॉस्को: रूस ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पेशकश कर दी है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की और इस प्रस्ताव को रखा. पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान की हालिया वार्ता बेनतीजा रहने के बाद रूस ने यह कदम उठाया है. क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने कहा कि रूस मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए राजनीतिक और राजनयिक प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करने और जरूरत पड़ने पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार है. इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी.
क्या अमेरिका रूस को मध्यस्थ के रूप में स्वीकार करेगा?
यह सबसे बड़ा सवाल है. अगर ईरान इस प्रस्ताव पर सहमत भी हो जाए, तो अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी? एक तरफ देखें तो रूस पहले ही यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिका को मध्यस्थ मान चुका है और अमेरिका के जरिए ही दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है. इसलिए पूरी तरह से नामुमकिन नहीं है कि अमेरिका इस ऑफर को स्वीकार कर ले. संभव है कि पुतिन ने यह प्रस्ताव ईरान के अनुरोध पर दिया हो या फिर अमेरिका की सहमति से. अगले कुछ दिनों में इस बात का जवाब साफ हो जाएगा कि अमेरिका और ईरान पुतिन के इस मध्यस्थता प्रस्ताव को लेते हैं या नहीं.
अन्य देशों की प्रतिक्रियाएं...
कुल मिलाकर, पाकिस्तान में हुई असफल वार्ता के बाद अब मध्यस्थता की नई कोशिशें शुरू हो गई हैं. रूस का यह प्रस्ताव इस पूरे मामले में एक नया मोड़ ला सकता है.