पाकिस्तान टॉक्स फेल होते ही पुतिन का बड़ा दांव: ईरान-अमेरिका में मध्यस्थता की पेशकश

Amanat Ansari 12 Apr 2026 08:35: PM 1 Mins
पाकिस्तान टॉक्स फेल होते ही पुतिन का बड़ा दांव: ईरान-अमेरिका में मध्यस्थता की पेशकश

मॉस्को: रूस ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पेशकश कर दी है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की और इस प्रस्ताव को रखा. पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान की हालिया वार्ता बेनतीजा रहने के बाद रूस ने यह कदम उठाया है. क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने कहा कि रूस मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए राजनीतिक और राजनयिक प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करने और जरूरत पड़ने पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार है. इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी.

क्या अमेरिका रूस को मध्यस्थ के रूप में स्वीकार करेगा?

यह सबसे बड़ा सवाल है. अगर ईरान इस प्रस्ताव पर सहमत भी हो जाए, तो अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी? एक तरफ देखें तो रूस पहले ही यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिका को मध्यस्थ मान चुका है और अमेरिका के जरिए ही दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है. इसलिए पूरी तरह से नामुमकिन नहीं है कि अमेरिका इस ऑफर को स्वीकार कर ले. संभव है कि पुतिन ने यह प्रस्ताव ईरान के अनुरोध पर दिया हो या फिर अमेरिका की सहमति से. अगले कुछ दिनों में इस बात का जवाब साफ हो जाएगा कि अमेरिका और ईरान पुतिन के इस मध्यस्थता प्रस्ताव को लेते हैं या नहीं.

अन्य देशों की प्रतिक्रियाएं...

  • यूरोपीय संघ: संघ के प्रवक्ता अनवर अल अनौनी ने कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध का समाधान केवल कूटनीति से ही संभव है. उन्होंने पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की सराहना की और कहा कि ब्रसेल्स आगे भी इस दिशा में सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा.
  • ब्रिटेन: स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने इसे “निराशाजनक” बताया. उन्होंने कहा, “कूटनीति में बार-बार असफलता मिलती है जब तक सफलता नहीं मिल जाती. इसलिए प्रयास जारी रखना जरूरी है.”
  • ऑस्ट्रेलिया: विदेश मंत्री पेनी वोंग ने अपील की कि युद्धविराम को बनाए रखा जाए और बातचीत को जल्द से जल्द फिर शुरू किया जाए. उन्होंने इस्लामाबाद वार्ता के बेनतीजा रहने को निराशाजनक करार दिया.
  • पाकिस्तान: विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों पक्षों से युद्धविराम की प्रतिबद्धता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भविष्य में भी ईरान और अमेरिका के बीच संवाद को बढ़ावा देने की कोशिश करता रहेगा.

कुल मिलाकर, पाकिस्तान में हुई असफल वार्ता के बाद अब मध्यस्थता की नई कोशिशें शुरू हो गई हैं. रूस का यह प्रस्ताव इस पूरे मामले में एक नया मोड़ ला सकता है.

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