लखनऊ : असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. कानपुर में एक जनसभा के दौरान ओवैसी ने चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि लगातार चुनावी झटकों के बावजूद भैया फिर आएंगे का दावा कैसे किया जा रहा है. उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं.
ओवैसी ने अपने भाषण में कहा कि 2017, 2019 और 2022 के चुनावों में हार के बाद भी समाजवादी पार्टी की ओर से विरोधियों पर आरोप लगाए जाते रहे. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी को अपनी हार के लिए जिम्मेदार ठहराने के बजाय सपा को आत्ममंथन करना चाहिए. ओवैसी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के संदर्भ में भी सपा की राजनीति पर सवाल उठाए.
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं. यह प्रदर्शन 2019 के मुकाबले सपा के लिए बड़ा बदलाव था. वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल की थीं और सपा दूसरे स्थान पर रही थी.
ओवैसी का हमला सिर्फ चुनावी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी हिस्सेदारी के लिए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. उन्होंने सपा पर एआईएमआईएम को लेकर लगाए जाने वाले आरोपों का भी जवाब दिया.
अब 2027 की लड़ाई में सपा, कांग्रेस, भाजपा और AIMIM समेत कई दलों की रणनीति पर नजर है. ओवैसी के बयान ने साफ कर दिया है कि चुनावी तैयारी के साथ-साथ विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होने वाला है.