ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' (One nation, one election) प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि यह प्रस्ताव संघवाद को नष्ट करता है और लोकतंत्र से समझौता करता है, जो संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Kharge) ने भी प्रस्ताव का विरोध किया है. मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा कि यह अव्यावहारिक है.
उन्होंने एक साथ चुनाव के प्रस्ताव को मंजूरी देने को चुनावों से पहले चुनावी हथकंडा करार दिया है. खड़गे ने कहा कि 'जब चुनाव आते हैं, तो वे (भारतीय जनता पार्टी) ये सब बातें कहते हैं. वहीं ओवैसी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि मैंने लगातार #OneNationOneElections का विरोध किया है क्योंकि यह संघवाद को नष्ट करता है और लोकतंत्र से समझौता करता है, जो संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है.
AIMIM नेता ओवैसी ने एक साथ चुनाव की अवधारणा को खारिज कर दिया और इसे केवल पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) की जरूरत बताया. उन्होंने कहा कि मोदी और शाह को छोड़कर किसी के लिए भी कई चुनाव कोई समस्या नहीं हैं. सिर्फ इसलिए कि उन्हें नगरपालिका और स्थानीय निकाय चुनावों में भी प्रचार करने की अनिवार्य आवश्यकता है, इसका मतलब यह नहीं है कि हमें एक साथ चुनाव कराने की जरूरत है.
इस बीच, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है. श्रीनेत ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल कई प्रस्तावों को मंजूरी देता है, जिसके बाद उन्हें यू-टर्न लेना पड़ता है. वन नेशन, वन इलेक्शन कुछ और नहीं बल्कि अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाना है. वे वन नेशन, वन इलेक्शन को कैसे लागू करेंगे? यह आप लोगों का ध्यान भटकाने के लिए है, लेकिन हम नहीं भटकेंगे.
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि सरकार को कानून में बदलाव करना होगा और उनके पास कानून में संशोधन करने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं है. उन्होंने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन नहीं हो सकता. कानून में संशोधन करना होगा और उनके पास कानून में संशोधन करने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं है.
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं और सरकार वन नेशन, वन इलेक्शन की बात कर रही है. रंधावा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं और वे एक राष्ट्र, एक चुनाव की बात कर रहे हैं, मुझे नहीं पता कि इसका क्या मतलब है...आप पार्टी भाजपा की बी टीम है और जब समय आएगा तो सभी सहमत होंगे...कांग्रेस हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनाव जीतेगी.
बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सरकार के 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसमें लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव है, साथ ही 100 दिनों के भीतर शहरी निकाय और पंचायत चुनाव कराने का प्रस्ताव है. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में ये सिफारिशें की गई थीं
इसे लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister Ashwini Vaishnav) ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है. मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी. उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को दो चरणों में लागू किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होंगे और दूसरे चरण में स्थानीय निकाय चुनाव (ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला पंचायत) और शहरी स्थानीय निकाय (नगर पालिका और नगर निगम) होंगे.
वैष्णव ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैनल की सिफारिशों पर पूरे भारत में विभिन्न मंचों पर चर्चा की जाएगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "एक साथ चुनाव कराने के बारे में कोविंद पैनल की सिफारिशों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यान्वयन समूह का गठन किया जाएगा. उन्होंने जानकारी दी है कि राजनीतिक स्पेक्ट्रम में बड़ी संख्या में दलों ने वास्तव में एक राष्ट्र, एक चुनाव पहल का समर्थन किया है.