नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को मानवाधिकार कार्यकर्ता सैयदा हमीद पर तीखा हमला बोला, जिन्होंने कथित तौर पर "घुसपैठ को वैध ठहराया" और दावा किया कि बांग्लादेशी किसी के अधिकारों का हनन नहीं कर रहे. एक्स पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में सरमा ने हमीद पर आरोप लगाया कि वे "जिन्ना का सपना" पूरा करने की कोशिश कर रही हैं, जो असम को पाकिस्तान का हिस्सा बनाना चाहते थे.
असम सीएम ने कहा, "सैयदा हमीद जैसे लोग, जो गांधी परिवार के करीबी हैं, अवैध घुसपैठियों को वैध ठहराते हैं, क्योंकि वे असम को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने के जिन्ना के सपने को साकार करना चाहते हैं. आज असमिया पहचान उनके जैसे लोगों के मौन समर्थन के कारण विलुप्त होने की कगार पर है. लेकिन हम लाचित बरफुकन के बेटे और बेटियां हैं, हम अपने राज्य और अपनी पहचान को बचाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे."
उन्होंने आगे कहा, "मैं स्पष्ट कर दूं, बांग्लादेशियों का असम में स्वागत नहीं है, यह उनकी जमीन नहीं है. जो लोग उनके साथ सहानुभूति रखते हैं, वे उन्हें अपने घरों में जगह दे सकते हैं. असम अवैध घुसपैठियों के लिए नहीं है, न अब, न कभी." केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी हमीद पर हमला बोला और कहा, "मानवता के नाम पर भ्रामक बातें. यह हमारी जमीन और पहचान का सवाल है. बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक बौद्ध, ईसाई, हिंदू और सिख क्यों सताए और प्रताड़ित किए जा रहे हैं?" "सैयदा हमीद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के सबसे करीबी हो सकती हैं, लेकिन उन्हें अवैध प्रवासियों का समर्थन नहीं करना चाहिए."
उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें हमीद को यह कहते सुना गया, "बांग्लादेशी भी इंसान हैं. दुनिया इतनी बड़ी है, बांग्लादेशी भी यहां आ सकते हैं. वे किसी के अधिकारों का हनन नहीं कर रहे. यह कहना कि यह अधिकार छीना जा रहा है या वह अधिकार छीना जा रहा है, बहुत परेशान करने वाला, शरारतपूर्ण और मानवता के लिए हानिकारक है." उन्होंने आगे कहा, "अल्लाह ने यह धरती इंसानों के लिए बनाई है, शैतानों के लिए नहीं."
उल्लेखनीय है कि बीजेपी नेताओं ने देश के पूर्वोत्तर राज्यों में, खासकर बांग्लादेश से "अवैध प्रवासियों" की "बढ़ती" आबादी को लेकर कई बार अपनी चिंता जाहिर की है. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में अवैध प्रवासियों की बढ़ती आबादी चिंता का विषय है, और इस खतरे से निपटने के लिए उन्होंने एक जनसांख्यिकीय मिशन का प्रस्ताव दिया है, जो जल्द ही अपना काम शुरू करेगा. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और जोर देकर कहा है कि उनकी सरकार राज्य की जनसांख्यिकी में किसी भी बदलाव को बर्दाश्त नहीं करेगी.
यह भी पढ़ें: भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा आंदोलन करने वाले हैं राहुल गांधी? SSC अभ्यर्थियों का उठाया मुद्दा
यह भी पढ़ें: कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आफताब आलम? सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के वर्षों बाद अमित शाह ने लिया उनका नाम
यह भी पढ़ें: PM मोदी की डिग्री को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सीआईसी का आदेश रद्द