नई दिल्ली: AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनके पास जश्न मनाने का समय तो है, लेकिन अमेरिकी हमलों में भारतीय नाविकों की हत्या की निंदा करने का समय नहीं है.
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ''मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नाविक के तौर पर काम कर रहे भारतीयों की जान बचाने में बार-बार नाकाम रही है. यह भारत सरकार का सबसे पहला फर्ज है. दुखद और परेशान करने वाली बात है कि प्रधानमंत्री के पास जश्न मनाने का तो समय है, लेकिन अमेरिकी सेना द्वारा भारतीयों की हत्या की निंदा करने का समय नहीं है.''
ओवैसी का दूसरा तीखा ट्वीट
एक अन्य पोस्ट में ओवैसी ने सवाल किया, ''क्या भारत में कभी इससे कमजोर सरकार रही है? रूस लगातार भारतीयों को सैनिक के तौर पर भर्ती कर रहा है और वे मारे जा रहे हैं, लेकिन सरकार बेबस है. सरकार फिल्मों में चीन का नाम लेने या गलवान की लड़ाई दिखाने की इजाजत नहीं देती. और अब अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नाविकों के साथ यह सब हो रहा है. हम इससे बेहतर के हकदार हैं.''
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान तट के पास होर्मुज समुद्री मार्ग में अमेरिकी बलों ने हाल के दिनों में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए. इन हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य को बचाया गया. विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर अमेरिकी पक्ष से कड़ा विरोध दर्ज कराया और अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब किया.
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है, जिस पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. ओवैसी की इस टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है. यह घटना भारत के समुद्री सुरक्षा और विदेश नीति पर भी नए सवाल खड़े करती है. अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय या सरकार की ओर से ओवैसी के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.