Jammu and Kashmir firing: जम्मू में एक शादी समारोह में पूर्व जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और वर्तमान उप-मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी की मौजूदगी में गोली चलाई गई. पुलिस ने यह जानकारी दी है. वेन्यू के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि बंदूक को अब्दुल्ला पर एकदम करीब से (पॉइंट-ब्लैंक रेंज) तानकर रखा गया. हमलावर को मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत काबू कर लिया और बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.
पुलिस ने बताया कि यह घटना जम्मू के बाहरी इलाके में स्थित पॉश ग्रेटर कैलाश क्षेत्र में हुई. आरोपी की पहचान कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है, जो माइनिंग इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है और जम्मू का ही निवासी है. फारूक, जो नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष हैं, सुरक्षित बच गए, जबकि चौधरी को मामूली छर्रे की चोट आई. आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है.
पूछताछ के दौरान जमवाल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की कोशिश कर रहा था और इसे उसने "व्यक्तिगत एजेंडा" बताया. उसने कथित तौर पर कहा कि हत्या की कोशिश में इस्तेमाल की गई बंदूक उसकी व्यक्तिगत हथियार थी और उसे जारी की गई थी. घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और फारूक के बेटे ओमार अब्दुल्ला ने कहा कि उनके पिता पर जानलेवा हमला उनकी 'Z+' सुरक्षा टीम के क्लोज प्रोटेक्शन डिटेल ने ही रोका.
उन्होंने X पर लिखा, "अल्लाह मेहरबान है. मेरे पिता को बहुत करीब से बचाया गया. अभी डिटेल्स स्पष्ट नहीं हैं लेकिन जो पता चला है, वह यह है कि एक व्यक्ति लोडेड पिस्तौल लेकर पॉइंट-ब्लैंक रेंज तक पहुंच गया और गोली चला दी. क्लोज प्रोटेक्शन टीम ने ही गोली को डिफ्लेक्ट किया और हत्या की कोशिश को नाकाम किया. अभी सवालों की संख्या ज्यादा है, जवाब कम, जैसे कि Z+ NSG प्रोटेक्टेड पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई कैसे पहुंच गया?"
उप-मुख्यमंत्री चौधरी ने इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक बताया, जबकि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच चल रही है. चौधरी ने कि यह बहुत गंभीर सुरक्षा चूक है. जब पूर्व मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और सलाहकार किसी फंक्शन में मौजूद हों, और कोई व्यक्ति बंदूक लेकर अंदर घुस जाए, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी. अधिकारियों ने बताया कि जमवाल, जो लगभग 70 साल के माने जा रहे हैं, को नशे की हालत में पाया गया.