मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को राज्य की आधिकारिक भाषा मराठी सीखने के लिए एक साल का समय देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को यह घोषणा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान भाषा ज्ञान न होने पर किसी भी ड्राइवर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
यह फैसला परिवहन विभाग द्वारा हाल ही में चलाए गए राज्यव्यापी जांच अभियान के बाद आया है, जिसमें मराठी टेस्ट में फेल होने वाले ड्राइवरों को नोटिस जारी किए गए थे. फडणवीस ने बताया कि हाजी अरफात शेख के नेतृत्व में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की. उन्होंने मराठी सीखने की जरूरत का समर्थन तो किया, लेकिन अलग-अलग उम्र के ड्राइवरों और लंबे समय से पढ़ाई छोड़ चुके लोगों के लिए कम समय में भाषा सीखना मुश्किल बताते हुए एक साल का समय मांगा.
मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्होंने एक साल का समय देने की मांग की. राज्य सरकार ने उनकी मांग स्वीकार कर ली है. इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होगी.” उन्होंने बताया कि इस एक साल के दौरान मराठी क्लासेस आयोजित की जाएंगी और स्टडी मटीरियल भी उपलब्ध कराया जाएगा.
सरकार ने अप्रैल में गैर-मराठी भाषी ड्राइवरों के लिए बुनियादी मराठी सीखने की अनिवार्यता की घोषणा की थी और 15 अगस्त की समय सीमा तय की थी. 20 अगस्त को जांच अभियान के पहले दिन 1,268 ड्राइवरों को नोटिस जारी किए गए थे. पहले फेल होने पर एक महीने का समय दिया जाना था, जिसके बाद बैज तीन महीने के लिए निलंबित हो सकता था. इस नियम को लेकर मुंबई के कुछ इलाकों में प्रदर्शन भी हुए थे. बॉम्बे हाईकोर्ट में भी एक PIL दायर की गई है, जिसमें इस अधिसूचना को चुनौती दी गई है.