रामपुर: एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को फर्जी पैन कार्ड बनवाने के मामले में दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष की सख्त कैद की सजा सुनाई. कोर्ट ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है.
यह मुकदमा 2019 का है. उस समय रामपुर शहर के विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्म तिथियों वाले जन्म प्रमाण पत्रों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए. इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन्होंने न्यूनतम उम्र होने से पहले ही 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा और जीते भी.
लंबी सुनवाई और गवाहों-दस्तावेजों की पड़ताल के बाद विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने पिता-पुत्र दोनों को आईपीसी की संबंधित धाराओं में दोषी पाया. फैसला सुनाते ही दोनों की जमानत रद्द हो गई, लेकिन हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने तक उन्हें दो महीने की मोहलत दी गई है. इस अवधि के बाद दोनों को फिर जेल जाना पड़ेगा.
फैसले के बाद विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि यह सत्य और कानून की जीत है. आजम खान के खिलाफ जितने भी मुकदमे हैं, सबके सब पुख्ता सबूतों पर टिके हैं. कोई भी केस बिना प्रमाण के नहीं है. गुनाह किया है तो सजा भुगतनी ही पड़ेगी.
इस सजा से आजम खान को एक और बड़ा कानूनी झटका लगा है. पहले भी कई मामलों में उन्हें सजा हो चुकी है, जिसके चलते उनकी विधानसभा सदस्यता भी जा चुकी है. राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सपा के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है.