नई दिल्ली: रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान की तबीयत शनिवार दोपहर अचानक खराब हो गई. सूचना मिलते ही जिला अस्पताल से दो वरिष्ठ डॉक्टर – जनरल फिजीशियन डॉ. हसीब और सर्जन डॉ. आरिफ रसूल – तुरंत जेल पहुंचे, लेकिन आजम खान ने इलाज और जांच दोनों से साफ इनकार कर दिया. डॉक्टरों को बिना कुछ किए खाली हाथ लौटना पड़ा.
जेल सूत्रों का कहना है कि पिछले काफी दिनों से आजम खान डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और अन्य पुरानी बीमारियों से परेशान हैं, लेकिन वे बार-बार मेडिकल चेकअप कराने से बच रहे हैं. एक दिन पहले ही नेत्र रोग विशेषज्ञ ने उनकी आंखों की जांच की थी, वह भी काफी मान-मनौव्वल के बाद.
हाल की कुछ घटनाओं ने जेल प्रशासन की टेंशन और बढ़ा दी है. कुछ दिन पहले जब पत्नी तंजीन फात्मा और परिवार के लोग मिलने आए थे, तब भी आजम खान ने मुलाकात करने से मना कर दिया था. अब डॉक्टरों से इनकार की घटना के बाद जेल अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है. ऊपरी स्तर तक बात पहुंच चुकी है कि नेता अपनी सेहत को लेकर इतने उदासीन क्यों हैं.
गौरतलब है कि अभी हाल ही में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो अलग-अलग मामलों में सात-सात साल की सजा हुई है. पहले दो पैन कार्ड और फिर अब्दुल्ला को दो पासपोर्ट के केस में सजा मिली. दोनों इसी सिलसिले में रामपुर जेल में बंद हैं.
इसी बीच 2017 के उस विवादास्पद बयान का केस भी गरमाया हुआ है, जिसमें आजम खान पर सेना के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप है. शनिवार को MP-MLA कोर्ट में इस मामले में अंतिम बहस पूरी हो गई. जज शोभित बंसल 11 दिसंबर को फैसला सुनाएंगे.
जेल प्रशासन भले ही आधिकारिक तौर पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर आजम खान की सेहत और उनके रवैये को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है.