लखनऊ में उस समय लोग आश्चर्यचकित रह गए, जब नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा (Narayan Saakar Hari) बीजेपी विधायक की गाड़ी से न्यायिक आयोग के सामने पेश होने पहुंचे. दरअसल, उत्तर प्रदेश के हाथरस में इसी साल एक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ (Hathras stampede) मचने से कई लोगों की मौत हो गई थी. उसी संबंध में पूछताछ के लिए नारायण साकार हरि न्यायिक आयोग के सामने पेश होने के लिए लखनऊ पहुंचे थे, लेकिन जिस गाड़ी से वह लखनऊ पहुंचे थे वह गाड़ी बीजेपी विधायक की है.
बीजेपी विधायक की गाड़ी अब चर्चा का विषय बनी हुई है. बाबा जिस सफेद फॉर्च्यूनर (गाड़ी नंबर- UP32NA8788) से न्यायिक आयोग पहुंचे वो पीलीभीत की पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक बाबूराम पासवान (Baburam Paswan) की गाड़ी बताई जा रही है. पेशी के दौरान हजारों की संख्या में बाबा के भक्त भी पहुंच गए, जिस वजह से पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है. भोले बाबा के साथ में बीजेपी विधायक भी थे. जानकारी मिली है कि करीब दो घंटे तक भोले बाबा से पूछताछ की गई.

ज्ञात रहे कि नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा (Bhole Baba) जो सूरज पाल (Suraj Pal) नाम से भी जाने जाते हैं. बता दें कि यूपी सरकार ने तीन जुलाई को हाथरस भगदड़ की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था. भोले बाबा के वकील ने मीडिया से बताया है कि आयोग के समक्ष आज नारायण साकार हरि का बयान रिकॉर्ड करने के लिए बुलाया गया था. हमें यूपी पुलिस, उत्तर प्रदेश सरकार, न्यायपालिका और केंद्र सरकार पर पूरा भरोसा है.
उन्होंने कहा कि हमने पहले कहा था कि जब पूछताछ के लिए बाबा को बुलाया जाएगा तो वह जरूर पेश होंगे, इसलिए वह यहां आए हैं. बताते चलें कि हाथरस भगदड़ मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें से एक मंजू यादव जमानत पर बाहर हैं. यूपी पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110, 126 (2), 223, और 238 के तहत एफआईआर दर्ज की थी. इसी वर्ष हाथरस के सिंकदराराऊ क्षेत्र के फुलराई गांव में भोले बाबा के सत्संग में मची भगदडड़ में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं थीं, जिस वजह से मामले को और गंभीरता से लिया गया.
हादसे के बाद जांच करने पहुंची पुलिस ने कुप्रबंधन का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि आयोजकों ने 80 हजार लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति ली थी, लेकिन ढाई लाख लोग पहुंच गए. हालांकि बाबा सूरज पाल के वकील ने दावा किया था कि भीड़ का फायदा उठाकर कुछ अज्ञात लोगों ने जहरीला पदार्थ छिड़क दिया था, जिस वजह से भगदड़ मच गई थी.