उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बड़े राजनीतिक रूपांतरण से गुजर रहे हैं, जहां वे फिर से कट्टर हिंदुत्व का चेहरा बनते जा रहे हैं. यह बदलाव तब हो रहा है जब उत्तर प्रदेश की 10 महत्वपूर्ण सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं. दरअसल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए इन चुनावों को जीतना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. कई चुनौतियों और असफलताओं के बाद, योगी को अपनी ही पार्टी के भीतर विरोध का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में वे हिंदू वोटरों का समर्थन हासिल करने और अपने विरोधियों को शांत करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं.
सोमवार, 24 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, "हम बंटे थे तो कटे थे," इसी कारण अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 500 साल तक रुका रहा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग जातिवाद के 'नंगे खेल' में लिप्त थे, वे माफियाओं के सामने सिर झुकाते थे और दंगों और अपराधियों से डरते थे. सोमवार को मिर्जापुर जिले के गोपालपुर, विकासखंड पहाड़ी में 765 करोड़ रुपये की 127 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद आयोजित स्वागत समारोह में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अयोध्या धाम अब भी चमक रहा है. भगवान रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है, लेकिन हमें अयोध्या में पांच सौ साल क्यों इंतजार करना पड़ा?"
मुख्यमंत्री योगी ने आगे सवाल उठाया, "आक्रमणकारियों ने भगवान रामलला के भव्य मंदिर को क्यों नष्ट किया और गुलामी की व्यवस्था क्यों बनाई? हम विभाजित थे, यही कारण था कि हमें काट दिया गया." योगी ने आगे कहा, "विभाजन न करें, बल्कि विकास और सुरक्षा के वातावरण में एकजुट होकर आगे बढ़ें." उन्होंने यह भी वादा किया कि "डबल इंजन सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी ताकि भविष्य उज्ज्वल हो सके." उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर सुख-दुख में आम लोगों के साथ खड़ी रहेगी और वर्तमान को सुधारते हुए भविष्य को बेहतर बनाएगी.
गौरतलब है मिर्जापुर विंध्यधाम के विकास की बात करते हुए योगी ने कहा कि जिले में अब चार-लेन की कनेक्टिविटी हो गई है, मिर्जापुर में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो चुकी है और यहां मां विंध्यवासिनी के नाम पर एक विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा. स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत लगभग 1500 युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए हैं.
योगी आदित्यनाथ का हिंदुत्व पर पुनः फोकस करना एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है, जिससे वे हिंदू वोटरों की मानसिकता को आकर्षित करना चाहते हैं. वे मानते हैं कि हिंदू समाज के हितों की रक्षा के लिए एकता जरूरी है. अगर इस एकता से कोई समझौता किया जाता है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव हो सकता है. "बटोगे तो कटोगे" (विभाजित होंगे तो कट जाएंगे) का नारा मुख्यमंत्री योगी पहले भी उठा चुके हैं.
यह नारा हिंदू वोटरों के बीच साफ तौर से एकता की अपील थी. योगी ने इसे कई बार दोहराया. आपको बता दें, 22 सितंबर को हरियाणा के करनाल में एक चुनावी रैली में और फिर 23 सितंबर को मिर्जापुर में एक सार्वजनिक सभा में उन्होंने इसे दोहराया. मिर्जापुर के मझावन विधानसभा क्षेत्र में चुनाव होने वाले हैं. इन उपचुनावों को जीतना मुख्यमंत्री योगी के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है. इन चुनावों के परिणाम उनके राजनीतिक करियर को बना या बिगाड़ सकते हैं. पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर उठने लगे हैं, और इन चुनावों को योगी के नेतृत्व की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है. जीत से योगी का कद बढ़ेगा, लेकिन हार से उनके विरोधियों की ताकत बढ़ सकती है.