कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बकरीद और रेड रोड की नमाज को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. राज्य में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से कानून-व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों को लेकर कई सख्त फैसले लिए गए हैं. इन्हीं फैसलों के बाद अब बंगाल की सियासत पूरी तरह गरमा गई है.
सरकार की ओर से सार्वजनिक सड़कों पर नमाज को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है. बीजेपी नेताओं का दावा है कि करीब 107 वर्षों से कोलकाता के रेड रोड पर होने वाली ईद की बड़ी नमाज इस बार पुराने स्वरूप में नहीं होगी. वहीं प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए ट्रैफिक, सुरक्षा और अनुमति संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा.
इसी बीच बकरीद पर गौवंश की कुर्बानी को लेकर भी राज्य सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों और पशु संरक्षण कानूनों का हवाला देते हुए प्रशासन ने अवैध पशु कटान पर सख्ती बढ़ा दी है. बीजेपी समर्थक इसे 1400 साल बाद बड़ा बदलाव बता रहे हैं, हालांकि विपक्ष इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण करार दे रहा है.
नई सरकार के फैसलों के बाद बंगाल में राजनीतिक माहौल और तेज हो गया है. एक तरफ बीजेपी इसे सुरक्षा और सुशासन की दिशा में कदम बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष आरोप लगा रहा है कि धार्मिक मुद्दों को चुनावी संदेश में बदला जा रहा है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है.