ISI Spy: भारत में पकड़े जा रहे पाकिस्तानी जासूसों में से एक तुफैल जो से कई चौंकाने वाला खुलासे हुए हैं. मदरसे में पढ़ा तुफैल खुद को हदीस के लिए लड़ने वाला गजवा-ए-हिंद का सिपाही बताता था. सिर्फ इतना ही नहीं वो 72 हूरों और ISI के हनीट्रैप में इस कदर फंस चुका था कि उसे हुस्न के अलावा कुछ दिखता ही नहीं था, और अपनी इसी हवस के चलते वो देश का गद्दार बन गया
नफीसा के संपर्क में था तुफैल
आईएसआई के इस जासूस से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, सूत्रों के मुताबिक फैसलाबाद में रहने वाली पाकिस्तानी हैंडलर नफीसा के संपर्क में था. लेकिन इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि नफीसा ने तुफैल को अपना असली नाम भी नहीं बताया था, लेकिन वो फिर भी उसके इशारों पर नाचता था, वो कहती थी कि तुफैल जहां भी जाया करो मुझे अपनी फोटो भेजते रहा करो, तुम्हें देख कर मन नहीं भरता है. मैं तुम्हें दिन भर देखना चाहती हूं.
जीपीएस लोकेशन रखता था ऑन
खुलासा ये भी हुआ है कि नफीसा के कहने पर ही तुफैल अपनी जीपीएस लोकेशन ऑन रखता था, जिससे पाकिस्तान में सटीक लोकेशन की जानकारी पहुंचती थी, सिर्फ इतना ही नहीं ये गद्दार दिल्ली, वाराणसी समेत कई संवेदनशील जगहों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में शेयर करता रहता था. बता दें कि तुफैल अक्सर मजलिस में जाता था और 5 साल पहले ऐसी ही एक मजलिस में जाने के बाद वो आतंकी संगठन 'तहरीक-ए-लब्बैक' के मौलाना शाह रिजवी के संपर्क में आया था. और यहीं से इसकी गद्दारी की कहानी शुरू होती है. और फिर तुफैल मजलिस के नाम पर कन्नौज, हैदराबाद और पंजाब में कट्टरपंथी बैठकों में हिस्सा लेने लग गया.
तुफैल चलाता था 19 व्हाट्सएप ग्रुप
जब पुलिस ने तुफैल का फोन खंगाला तो उसके फोन से 800 से ज्यादा पाकिस्तानी मोबाइल नंबर मिलते हैं. इसके अलावा वो 19 व्हाट्सएप ग्रुप भी चलाता था. इसने अपने ग्रुपों में वाराणसी और आजमगढ़ के काफी ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ रखा था, इन्हीं ग्रुप के माध्यम से वो आतंकी मौलाना साद के वीडियो युवाओँ में फैलाकर उन्हें गजवा-ए-हिन्द की मुहिम से जोड़ता था.
इन्हीं ग्रुप के माध्यम से तुफैल बाबरी विध्वंस का बदला लेने की बातें भी करता था. लेकिन पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले इस देशद्रोही ने कई सारे चैट्स डिलीट कर दिये थे. लेकिन पुलिस की साइबर सेल लगातार रिकवरी करने की कोशिश कर रही है.