Nasreen role in conversion racket: बलरामपुर का छांगुर बाबा ऊर्फ जलालुद्दीन जबसे पकड़ा गया है, उसके काले चिट्ठे लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन अब पहली बार उसकी कथित प्रेमिका नीतू ऊर्फ नसरीन के राज खुले हैं, उसकी कुंडली जब यूपी एटीएस ने खंगाली तो उसके दिमाग में पहला सवाल यही रहा होगा कि आखिर एक सिंधी समाज से आने वाली लड़की नीतू इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कैसे बन गई. इसे हम आपको बताते हैं, लेकिन उससे पहले जरा इसके रंगमहल के बारे में भी जानना चाहिए, जहां सारे गलत काम होते थे.
छांगुर बाबा के महल की वो में रातें रंगीन होतीं, दरबार सजता, लड़कियों को बुर्का पहनाया जाता और पूरे बिल्डिंग के सीसीटीवी का कंट्रोल बाबा के बेडरूम में होता, ये आलीशान बेड, फर्श पर लगी टाइल्स और राउंड टेबल बाबा के विशेष इस्तेमाल के लिए थी. पुलिस को हैरानी तब होती है, जब छांगुर के घर से कपड़े धोने से लेकर सफाई तक के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विदेशी प्रोडक्ट मिलते हैं, सीक्रेट रूम से शक्तिवर्धक दवाईय़ां बरामद होती है. साथ में विदेशी तेल, शेम्पू और तरह-तरह के साबुन मिलते हैं.
जो ये बताने के लिए काफी था कि खुद को पीर और फकीर बताने वाला छांगुर असल में एक अय्याश किस्म का आदमी था, फिर सवाल है नीतू इसके संपर्क में कैसे आई. कई मीडिया रिपोर्ट ये दावा करती है
यहां छांगुर पहले से ही छाल बिछाए बैठा रहता और अपने मंसूबे को अंजाम देता. छांगुर इतना शातिर था कि इसने बलरामपुर के उत्तरौला कोर्ट में एक शपथ पत्र भी इनसे दाखिल कराया. जिसमें लिखा था ये छांगुर को अपना गुरु मानते हैं, उसके बाद 5 साल में 19 बार नीतू-नवीन दुबई गए. इसमें से एक बार दोनों साथ गए, बाकी बार अलग-अलग, जिसका सीधा सा मतलब वहां खेल बड़ा था, ऐसी ख़बरें हैं कि जब नीतू ऊर्फ नसरीन ने बाबा का पूरा खेल समझ लिया, और बाबा के लिए वो लोगों को लाने लगी, तो वो सबसे खास बन गई, इसीलिए बाबा ने खुद को और नीतू को लंबे वक्त से गिरफ्तारी से बचाया, लखनऊ के जिस होटल में ये रुके थे वहां करीब चार दिन तक पहले कमरा नंबर 102 में रहे और जब लगा कि यहां सेफ है तब लंबे वक्त के लिए कमरा नंबर 104 को बुक कर लिया, जहां छांगुर कभी-कभी बाहर निकलता, जबकि नसरीन खाना लेने बाहर जाती. और अब छांगुर का कांड खुलकर बाहर आ चुका है, खुद को फकीर बताने वाला करोड़पति निकला है तो हर कोई सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, सीएम योगी ने भी साफ कह दिया इसे छोड़ेंगे नहीं.