Nasreen role in conversion racket: छांगुर बाबा की 7वीं पास ‘गर्लफ्रेंड’,कैसे बनी मास्टरमाइंड, खुली कुंडली! जानिए क्या थी पति-पत्नी और मौलाना में डील

Abhishek Chaturvedi 09 Jul 2025 04:49: PM 2 Mins
Nasreen role in conversion racket: छांगुर बाबा की 7वीं पास ‘गर्लफ्रेंड’,कैसे बनी मास्टरमाइंड, खुली कुंडली! जानिए क्या थी पति-पत्नी और मौलाना में डील
  • सिंधी परिवार में जन्म, पढ़ाई के नाम पर 7वीं पास, कौन है नसरीन जो बनी छांगुर बाबा की सबसे खास!
  • पति दुबई में करता नौकरी, खुद भी दुबई में रहती, बलरामपुर के बाबा से कैसे हुआ कॉन्टैक्ट, अब खुली कुंडली
  • गरीब लड़कियों को देती खुद का उदाहरण, आलीशान कोठी में बनाया था सीक्रेट रूम, शक्तिवर्धक दवाईयां बरामद!

Nasreen role in conversion racket: बलरामपुर का छांगुर बाबा ऊर्फ जलालुद्दीन जबसे पकड़ा गया है, उसके काले चिट्ठे लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन अब पहली बार उसकी कथित प्रेमिका नीतू ऊर्फ नसरीन के राज खुले हैं, उसकी कुंडली जब यूपी एटीएस ने खंगाली तो उसके दिमाग में पहला सवाल यही रहा होगा कि आखिर एक सिंधी समाज से आने वाली लड़की नीतू इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कैसे बन गई. इसे हम आपको बताते हैं, लेकिन उससे पहले जरा इसके रंगमहल के बारे में भी जानना चाहिए, जहां सारे गलत काम होते थे.

छांगुर बाबा के महल की वो में रातें रंगीन होतीं, दरबार सजता, लड़कियों को बुर्का पहनाया जाता और पूरे बिल्डिंग के सीसीटीवी का कंट्रोल बाबा के बेडरूम में होता, ये आलीशान बेड, फर्श पर लगी टाइल्स और राउंड टेबल बाबा के विशेष इस्तेमाल के लिए थी. पुलिस को हैरानी तब होती है, जब छांगुर के घर से कपड़े धोने से लेकर सफाई तक के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विदेशी प्रोडक्ट मिलते हैं, सीक्रेट रूम से शक्तिवर्धक दवाईय़ां बरामद होती है. साथ में विदेशी तेल, शेम्पू और तरह-तरह के साबुन मिलते हैं.

जो ये बताने के लिए काफी था कि खुद को पीर और फकीर बताने वाला छांगुर असल में एक अय्याश किस्म का आदमी था, फिर सवाल है नीतू इसके संपर्क में कैसे आई. कई मीडिया रिपोर्ट ये दावा करती है

  • नीतू सामान्य घर से आने वाली 7वीं पास लड़की थी, जिसकी शादी नवीन रोहरा नाम के लड़के से हुई
  • पहले वो मुंबई में रहती थी, फिर दुबई चली गई, छांगुर से मुलाकात के बाद इसने बुर्का पहन लिया
  • साल 2015 में छांगुर ने नीतू को नसरीन बना दिया,जबकि नवीन को अपना नाम जलालुद्दीन दे दिया
  • उसके बाद नसरीन गांव-गांव जाने लगी, गरीब महिलाओं से बात करने लगी, उसका पति उन्हें पैसे देता
  • जब वो पैसे नहीं चुका पाते, दोनों पति-पत्नी कहते छांगुर बाबा चमत्कारी हैं, उनके पास चलो, मदद होगी

यहां छांगुर पहले से ही छाल बिछाए बैठा रहता और अपने मंसूबे को अंजाम देता. छांगुर इतना शातिर था कि इसने बलरामपुर के उत्तरौला कोर्ट में एक शपथ पत्र भी इनसे दाखिल कराया. जिसमें लिखा था ये छांगुर को अपना गुरु मानते हैं, उसके बाद 5 साल में 19 बार नीतू-नवीन दुबई गए. इसमें से एक बार दोनों साथ गए, बाकी बार अलग-अलग, जिसका सीधा सा मतलब वहां खेल बड़ा था, ऐसी ख़बरें हैं कि जब नीतू ऊर्फ नसरीन ने बाबा का पूरा खेल समझ लिया, और बाबा के लिए वो लोगों को लाने लगी, तो वो सबसे खास बन गई, इसीलिए बाबा ने खुद को और नीतू को लंबे वक्त से गिरफ्तारी से बचाया, लखनऊ के जिस होटल में ये रुके थे वहां करीब चार दिन तक पहले कमरा नंबर 102 में रहे और जब लगा कि यहां सेफ है तब लंबे वक्त के लिए कमरा नंबर 104 को बुक कर लिया, जहां छांगुर कभी-कभी बाहर निकलता, जबकि नसरीन खाना लेने बाहर जाती. और अब छांगुर का कांड खुलकर बाहर आ चुका है, खुद को फकीर बताने वाला करोड़पति निकला है तो हर कोई सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, सीएम योगी ने भी साफ कह दिया इसे छोड़ेंगे नहीं.

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