बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को अचानक दिल्ली पहुंच गए हैं. इसी बीच अटकलों का बाजार गर्म हो गया है कि कहीं एक बार फिर नीतीश कुमार महागठबंधन में तो नहीं शामिल होने वाले हैं. अंदेशा लगाया जा रहा है कि यहां नीतीश कुमार की एनडीए या फिर इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बातचीत हो सकती है, जबकि नीतीश कुमार और उनकी पार्टी की ओर से इस पर कोई बयान नहीं दिया गया है.
इससे पहले बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने दावा किया था कि 4 जून के बाद कुछ बड़ा होने वाला है. इसके साथ उन्होंने नीतीश को महागठबंधन में भी शामिल होने का ऑफर भी दे दिया था. साथ ही उन्होंने कहा था कि 4 जून के बाद नीतीश कुमार बड़ा फैसला ले सकते हैं. उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार को अगर पिछड़ों की राजनीति करनी है तो, उन्हें फैसला लेना पड़ेगा.
यहां यह भी बताते चलें कि एग्जिट पोल में बिहार में भी एनडीए को जबरदस्त बढ़त मिल रही है. सीएम नीतीश की यह दिल्ली यात्रा निजी बताई जा रही है. वह सोमवार को वापस बिहार लौट आएंगे. वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की राजनीति में बहुत कुछ नया दिखने वाला है.
लोकसभा चुनाव से पहले जब नीतीश कुमार ने लालू-तेजस्वी का साथ छोड़ दिया और बीजेपी के साथ चले गए. तभी लोगों ने यह कयास लगाना शुरू कर दिया था कि नीतीश कुमार नंबर गेम के लिए लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गए और विधानसभा में साथ बैठ रहे हैं, लेकिन विधान सभा चुनाव में वो फिर से आरजेडी के साथ जा सकते हैं.
बता दें कि जनवरी 2024 को नीतीश कुमार ने जिस इंडिया गठबंधन को काफी आगे बढ़कर नरेन्द्र मोदी को रोकने के लिए बनाया था, उसे छोड़ दिया था नीतीश कुमार को न तो पीएम का चेहरा बनाया गया और न ही मनमाफिक पद दिया गया. नीतीश लालू-तेजस्वी का साथ छोड़ते हुए फिर से बीजेपी के साथ चले गए थे.