बिजनौर : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस की कमान संभालते ही नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के. के. बिश्नोई पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जिले में बिना अनुमति और निर्धारित ध्वनि मानक से तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकरों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने एक सख्त तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के पहले ही दिन पुलिस ने विभिन्न धार्मिक स्थलों और मस्जिदों से 90 से अधिक (करीब 100) लाउडस्पीकर उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिए हैं।
यह पूरी कार्रवाई तब शुरू हुई जब बिजनौर की जिलाधिकारी (डीएम) जसजीत कौर और एसपी के. के. बिश्नोई रविवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान ही अधिकारियों को पास की एक मस्जिद से अजान की बेहद तेज आवाज सुनाई दी। ध्वनि की तीव्रता मानकों से कहीं अधिक होने पर अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। डीएम और एसपी ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तत्काल जांच और कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी कर दिए।
निर्देश मिलते ही पुलिस की विभिन्न टीमों ने जिले भर में बिना अनुमति और तेज आवाज में बज रहे लाउडस्पीकरों की पहचान कर धरपकड़ शुरू कर दी। पहले दिन की कार्रवाई में चांदपुर सर्किल के 80 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारे गए।
इनमें नूरपुर में 28 लाउडस्पीकर, चांदपुर में 22 लाउडस्पीकर, हीमपुर दीपा में 17 लाउडस्पीकर, शिवाला कला में 13 लाउडस्पीकर उतारे गए हैं. इसके अतिरिक्त, नगीना सर्किल क्षेत्र में भी पुलिस ने सघन चेकिंग कर एक दर्जन से अधिक स्थानों से लाउडस्पीकर हटवाए.
एसपी के. के. बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के तय मानकों के अनुसार दिन के समय ध्वनि सीमा 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल निर्धारित है। धार्मिक स्थलों या किसी भी परिसर की आवाज चारदीवारी के भीतर ही सीमित रहनी चाहिए।
पुलिस ने सभी धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों और इमामों को निर्धारित डेसिबल में ही ध्वनि रखने की सख्त चेतावनी दी है। अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि यह अभियान लगातार अगले दो दिन भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।