लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले 'इंडिया गठबंधन' के भीतर सीटों को लेकर रार खुलकर सामने आने लगी है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की पुख्ता तैयारी कर रही है। इससे पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने गठबंधन में कांग्रेस की बढ़ती ताकत के आधार पर ज्यादा सीटों की मांग की थी। अब पार्टी प्रभारी के सभी सीटों पर लड़ने वाले बयान ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के लिए सियासी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
आजमगढ़ के जमालपुर में राजभर समाज और मूल निवासी समाज पार्टी की बैठक को संबोधित करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने पार्टी की आगामी रणनीति साफ की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में अपने कैडर और संगठन को नए सिरे से धार दे रही है। प्रदेश के 134 जिलों और शहरों में नए जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों के चयन के लिए एआईसीसी और स्टेट ऑब्जर्वरों ने एक महीने तक जमीनी पड़ताल की है। संगठन सृजन की यह कवायद अब अंतिम चरण में है और इसी माह शीर्ष से लेकर बूथ स्तर तक नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी।
सपा के साथ गठबंधन पर पूछे गए सवाल पर राजेंद्र गौतम ने कहा कि संगठन का काम मुकम्मल होते ही अगले महीने से सीट शेयरिंग पर औपचारिक चर्चा शुरू होगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जमीनी तौर पर सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी तैयारी रख रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक वरिष्ठ सहयोगी के रूप में कांग्रेस गठबंधन धर्म और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझती है, लेकिन सभी दलों को एक साथ सम्मानजनक समझौते के तहत आगे बढ़ना होगा।
इससे पहले सांसद इमरान मसूद ने तर्क दिया था कि राज्य में कांग्रेस का जनाधार तेजी से बढ़ा है, लिहाजा गठबंधन में उसे पिछली बार की तुलना में कहीं अधिक सीटें मिलनी चाहिए। अब प्रभारी के 403 सीटों वाले बयान से साफ संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस सीट बंटवारे में सपा के सामने दबने के मूड में नहीं है, जिससे गठबंधन के भविष्य पर सवालिया निशान लग गए हैं।
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