नई दिल्ली: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के प्रमुख बिलावल भुट्टो-जरदारी ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करने की खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान की है और इसे कोई छीन नहीं सकता. एक सार्वजनिक रैली में बोलते हुए बिलावल ने भारत को गीदड़भभकी दी कि "या तो हमारा पानी इस नदी में बहेगा, या फिर उनका खून." यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है, खासकर हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद.
क्या है सिंधु जल संधि?
सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी. इसके तहत सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों - झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज - के पानी का बंटवारा तय हुआ. इस संधि के अनुसार, पाकिस्तान को इन नदियों का अधिकांश पानी मिलता है, जो उसके 80% कृषि भूमि के लिए जरूरी है. अगर भारत इस संधि को रद्द करता है, तो पाकिस्तान की खेती और अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ सकता है.
क्यों बौखलाया बिलावल?
बिलावल ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मोदी "युद्ध भड़काने" की कोशिश कर रहे हैं और सिंधु का पानी रोकना चाहते हैं. बिलावल ने दावा किया कि सिंधु घाटी सभ्यता, जो हजारों साल पुरानी है, का असली हकदार पाकिस्तान है. उन्होंने कहा, "मोहनजोदड़ो और लरकाना (पाकिस्तान में) हमारी सभ्यता के केंद्र हैं. हम इसके असली वारिस हैं और इसकी रक्षा करेंगे." हालांकि, इतिहास बताता है कि सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तार आज के पाकिस्तान और भारत के पश्चिमी हिस्सों में था.
पहलगाम हमले का जिक्र
बिलावल ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इस हमले की निंदा की थी, लेकिन भारत इसे पाकिस्तान पर दोष मढ़कर अपनी सरकार की नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रहा है. बिलावल ने आरोप लगाया कि भारत इस हमले का बहाना बनाकर सिंधु जल संधि को तोड़ रहा है, जो गैरकानूनी है.
पीएम मोदी का करारा जवाब
दूसरी ओर, पीएम मोदी ने बिहार में एक रैली में पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि हर आतंकी और उनके समर्थकों को "पहचानकर, खोजकर और सजा देकर" रहेंगे, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में हों. इस बयान के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और अब बिलावल ने मोदी पर हमला बोला है. बिलावल का यह बयान भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्तों को और बिगाड़ सकता है.
भारत का कहना है कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा. दोनों देशों के बीच बातचीत की कमी इस समस्या को और जटिल बना रही है. बिलावल ने कहा कि न तो पाकिस्तान और न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के इस कदम को बर्दाश्त करेगा. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत ने संधि को पूरी तरह रद्द किया है या सिर्फ निलंबित करने की बात चल रही है.