प्रयागराज: कुंभ नगरी प्रयागराज में एक बीजेपी नेता की पुलिसकर्मियों द्वारा बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है. झूंसी थाने में बीजेपी नेता मनोज पासी को लाठी-डंडे, जूते और बेल्ट से बुरी तरह मारा गया, जिसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है. मनोज पासी, जो पार्टी के अनुसूचित मोर्चे के प्रदेश कोषाध्यक्ष हैं, के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं.
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें इतनी बुरी तरह मारा कि उनके बाल तक उखाड़ दिए गए. उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. सूत्रों के अनुसार, मनोज पासी के भाई एक विवादित जमीन पर निर्माण कर रहे थे. पीड़ित पक्ष के पास जमीन के कागजात भी थे. किसी ने इस निर्माण पर आपत्ति जताई और पुलिस निर्माण रोकने के लिए मौके पर पहुंची. इस पर मनोज पासी थाने पहुंचकर विरोध करने लगे, और आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन एक कमरे में ले जाकर पीटा.
सियासी माहौल गरमाया
इस घटना के बाद बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया और विरोध प्रदर्शन किया. बीजेपी के मेयर गणेश केसरवानी, विधायक दीपक पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, विधायक सुरेंद्र चौधरी और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने में जमकर विरोध किया. उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए झूसी पुलिस स्टेशन के तीन दारोगा और हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही थाना प्रभारी के खिलाफ भी जांच बैठाई गई है. डीसीपी सिटी अभिषेक भारती ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
अखिलेश यादव का हमला
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, प्रयागराज के झूंसी में उप्र की प्रभुत्ववादी पुलिस ने क्या केवल इसलिए एक व्यक्ति को बुरी तरह पीटा क्योंकि उसका नाम ‘मनोज पासी’ है. पीडीए समाज का व्यक्ति हमेशा भाजपा की प्रभुत्ववादी सोच का शिकार होगा. गौरतलब हो कि अखिलेश यादव योगी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं.
बता दें कि इससे पहले 26 दिसंबर को प्रयागराज के धूमनगंज थाने में बीजेपी मंडल अध्यक्ष संजय कुशवाहा की पिटाई की गई थी. इस मामले में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था. इस मामले की जांच जारी है और पुलिस प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.