जातिगत जनगणना को लेकर देशभर में चर्चाएं चल रही हैं. विपक्ष के नेता लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) को घेर रहे हैं. इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे लेकर बयान देकर बवाल मचा दिया है. लालू यादव ने कहा कि RSS और BJP वालों का कान पकड़ कर दंड बैठक कराके जातिगत जनगणना कराएंगे. आरजेडी अध्यक्ष ने आगे कहा कि इनकी क्या औकात है जो ये जातिगत जनगणना नहीं कराएंगे? लालू यादव ने कहा कि अब दलित, पिछड़ा, आदिवासी और गरीब का एकता दिखाने का समय अब आ चुका है.
वहीं लालू यादव के इस बयान के बाद बीजेपी के नेता लगातार हमलावर हैं. बीजेपी के नेता नित्यानंद राय ने कहा कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले लोग और 2020 के विधानसभा के अंतिम चरण का चुनाव हो गया था और मतदान के दो दिन बाद आरजेडी को भ्रम हो गया था कि उनकी सरकार बनने वाली है. इस बीच आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से बिहार में तांडव किया आज 25 हजार दे दो वरना 2 लाख देना पड़ेगा. बिहार की जनता पर हो रहे प्रहार को लोगों ने याद रखा हुआ है.
वहीं उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू यादव की राजनीतिक हैसियत नहीं है वो एक गुंडे की बोली बोल रहे हैं. साथ ही उन्होंने भाजपा के सदस्यता अभियान पर कहा कि यह हमारे लिए ऐतिहासिक है. यह अपने आप में अनूठा है. यह कार्यक्रम करीब डेढ़ महीने तक चलेगा और बिहार में करोड़ों लोग भाजपा की सदस्यता लेंगे.
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी लालू यादव पर जमकर बरसे. उन्होंने लालू यादव को बिहार का दुश्मन बताया और कहा कि वो परिवार के लिए राजनीति करते हैं कभी भी गैर पारिवारिक व्यक्ति को यादव समाज की बागडोर नहीं सौंपते और गरीब बिहार के लोगों के बारे में नहीं सोचते.