अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की कोल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अनिल पाराशर और डीएसपी अमित पाठक के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वृंदावन में 15 अगस्त 2026 को हुई इस घटना में विधायक पुलिस अधिकारी को तमीज से बात करने, हैसियत नहीं भूलने और दिमाग सही रखने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं.
बताया जा रहा है कि हरियाली तीज के मौके पर विधायक अनिल पाराशर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे. त्योहार के चलते शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, इसलिए पुलिस ने ट्रैफिक और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की थी.
शाम करीब आठ बजे विधायक का काफिला सौ शैया तिराहे से गुजर रहा था. इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात डीएसपी अमित पाठक ने काफिले में शामिल वाहनों की जानकारी और एंट्री को लेकर पूछताछ की. इसी बात पर विधायक और पुलिस अधिकारी के बीच बहस शुरू हो गई.
वायरल वीडियो में विधायक काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं. वह डीएसपी को बातचीत के दौरान तमीज रखने की बात कहते हुए हैसियत मत भूलो, दिमाग सही रखो और वर्दी का सम्मान करने जैसी बातें कहते सुनाई देते हैं. विधायक ने पुलिस के रवैये को लेकर नाराजगी जताई और इसे कथित तौर पर तानाशाही बताया.
वहीं डीएसपी अमित पाठक अपनी ओर से काफिले की जानकारी का मुद्दा उठाते दिख रहे हैं. उनका कहना था कि पुलिस को पहले केवल एक वाहन की सूचना दी गई थी, जबकि मौके पर तीन गाड़ियां मौजूद थीं. पुलिस अधिकारी के मुताबिक इसी वजह से वाहनों की एंट्री को लेकर जानकारी मांगी गई थी.
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, इसके बाद विधायक अपने काफिले के साथ बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए रवाना हो गए. अब इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है.