लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने सपा-कांग्रेस के रिश्ते को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, सपा-कांग्रेस गठबंधन है और हमेशा रहेगा. उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं और दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं. इससे पहले जुलाई 2026 में भी शिवपाल ने कहा था कि यूपी में चुनाव गठबंधन के साथ लड़ा जाएगा और सपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगी.
सपा-कांग्रेस का मौजूदा गठबंधन पहली बार 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में औपचारिक रूप से सामने आया था. जनवरी 2017 में दोनों दलों ने सीट बंटवारे का ऐलान किया था. समझौते के तहत सपा ने 298 और कांग्रेस ने 105 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन चुनावी नतीजे गठबंधन के पक्ष में नहीं गए. बीजेपी ने 312 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि सपा 47 और कांग्रेस सिर्फ 7 सीटों पर सिमट गई. यानी 2017 का गठबंधन सत्ता हासिल करने में पूरी तरह असफल रहा.
इसके बाद 2019 लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरे. सपा ने बसपा के साथ गठबंधन किया था, जबकि कांग्रेस ने अलग चुनाव लड़ा. 2022 यूपी विधानसभा चुनाव में भी सपा और कांग्रेस का औपचारिक गठबंधन नहीं था.
फिर 2024 लोकसभा चुनाव में दोनों दल INDIA गठबंधन के तहत साथ आए. इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई. यूपी की 80 लोकसभा सीटों में सपा ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीतीं. दोनों ने मिलकर 43 सीटें हासिल कीं और बीजेपी को 33 सीटों पर रोक दिया.
यही 2024 की सफलता अब 2027 के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन का सबसे मजबूत आधार बन गई है. शिवपाल का हमेशा वाला बयान इसी सफल चुनावी प्रयोग को आगे बढ़ाने का संकेत माना जा रहा है. हालांकि असली परीक्षा सीट बंटवारे और जमीनी तालमेल की होगी.