'चिदंबरम दिमागी नहीं, पक्के नक्सली हैं': असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर जोरदार हमला; सोनिया-राहुल पर देश का माहौल बिगाड़ने का लगाया आरोप

Rahul Jadaun 17 Aug 2026 02:03 PM 2 Mins
'चिदंबरम दिमागी नहीं, पक्के नक्सली हैं': असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर जोरदार हमला; सोनिया-राहुल पर देश का माहौल बिगाड़ने का लगाया आरोप

नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम पर बेहद तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में 'दिमागी नक्सल' (शहरी/वैचारिक नक्सलवाद) के जिक्र पर पी. चिदंबरम द्वारा खुद को गर्व से 'दिमागी नक्सल' बताए जाने पर सीएम सरमा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चिदंबरम केवल 'दिमागी नक्सली' नहीं बल्कि 'प्योर नक्सली' हैं। इसके साथ ही उन्होंने चिदंबरम के गृह मंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल की जांच कराने की मांग की कि कहीं उन्होंने जानबूझकर नक्सलवाद के खात्मे के खिलाफ ठोस कार्रवाई रोकने की कोशिश तो नहीं की थी।

चिदंबरम के कार्यकाल की जांच की मांग गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के पूर्व गृह मंत्री द्वारा खुद को 'दिमागी नक्सली' स्वीकार करना उनकी गहरी वैचारिक संलिप्तता को उजागर करता है। सीएम सरमा ने सवाल उठाते हुए कहा, "जब देश का पूर्व गृह मंत्री खुद कह रहा है कि उसे 'दिमागी नक्सल' होने पर गर्व है, तो इस बात की पूरी जांच होनी चाहिए कि क्या उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान नक्सलवाद को खत्म करने के अभियानों को जानबूझकर कमजोर किया था।"

सोनिया और राहुल गांधी पर सीधा निशाना सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने देश के खिलाफ जाने और देश का माहौल खराब करने का मिशन ले रखा है।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय (AICC) में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के दौरान हुए कथित व्यवधान का हवाला देते हुए असम के सीएम ने कहा, "वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी का आचरण साफ दिखाता है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश की क्या स्थिति होगी। ये लोग खुलेआम लोगों को भड़काने और देश में अशांति व अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।"

क्या था पूरा विवाद? दरअसल, 15 अगस्त 2026 को लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश में सशस्त्र नक्सलवाद को काफी हद तक समाप्त कर दिया गया है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' संस्थानों में बैठकर विकास की राह में बाधा बन रहे हैं, जिन्हें अलग-थलग करना जरूरी है। इसके जवाब में पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा था, "मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है।" चिदंबरम के इसी बयान के बाद से भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

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