वाशिंगटन: रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पूर्व अमेरिकी कांग्रेसवुमन मार्जोरी टेलर ग्रीन के एक दावे ने दुनिया भर में सनसनी फैला दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रंप प्रशासन के उच्च अधिकारी ईरान पर परमाणु हमले की रणनीति पर गुप्त बैठकें कर रहे हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रविवार को पोस्ट करते हुए ग्रीन ने लिखा, ''वे रणनीति बैठकों में ईरान पर परमाणु हथियारों का उपयोग करने पर चर्चा कर रहे हैं. हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा. यह सच है. मैं कोई अटकलबाजी नहीं लगा रही, मुझे पता है. और यह विशुद्ध पाप है.'' उन्होंने याद दिलाया कि आखिरी बार 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए गए थे. अगर ऐसा कदम उठाया गया तो भीषण वैश्विक तबाही हो सकती है.
ग्रीन ने ट्रंप प्रशासन पर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया. उनके मुताबिक, खुफिया आकलन बताता है कि ईरान तुरंत परमाणु हथियार बनाने की कगार पर नहीं है, फिर भी प्रशासन इजरायल की चेतावनियों के प्रभाव में फैसले ले रहा है. उन्होंने ट्रंप के उस चुनावी वादे का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने विदेशों में नया युद्ध न शुरू करने की बात कही थी.
हालांकि, ग्रीन ने अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज या अधिकारियों के नाम नहीं बताए हैं. व्हाइट हाउस या रक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. अमेरिकी सरकार की परमाणु नीति में कोई बदलाव या ईरान पर परमाणु हमले की तैयारी का कोई सार्वजनिक संकेत भी नहीं मिला है.
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनातनी चरम पर है. फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर दबाव बढ़ रहा है. ग्रीन के दावे अभी असत्यापित हैं, लेकिन एक पूर्व वरिष्ठ राजनेता का ऐसा बयान अमेरिका-ईरान तनाव की संवेदनशीलता को रेखांकित करता है.