'आरक्षण नहीं तो मंत्री पद ले लो, धरने पर बैठ जाऊंगा': यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का अपनी ही सरकार को अल्टीमेटम, गरमाई सियासत

Rahul Jadaun 17 Aug 2026 03:17 PM 2 Mins
'आरक्षण नहीं तो मंत्री पद ले लो, धरने पर बैठ जाऊंगा': यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का अपनी ही सरकार को अल्टीमेटम, गरमाई सियासत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एनडीए (NDA) गठबंधन की सहयोगी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में मत्स्य पालन कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजधानी लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित निषाद पार्टी के 11वें स्थापना दिवस समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संजय निषाद ने दो-टूक कहा कि यदि सरकार ने निषाद समाज को अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में आरक्षण देने में देरी की, तो वह धरने पर बैठने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सरकार चाहे तो उनका मंत्री पद वापस ले ले, लेकिन समाज का हक मिलना चाहिए।

'सरकार में मंत्री हूं, लेकिन समाज का वकील हूं' संजय निषाद ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा, "सवर्णों को आरक्षण मिल गया, महिलाओं और दलितों को आरक्षण मिल गया, तो फिर निषाद समाज को आरक्षण देने में देरी क्यों हो रही है? बीजेपी के एजेंडे में भी निषाद समाज का आरक्षण शामिल रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर सहमति जताई थी, इसलिए अब इस लंबित मांग का स्थायी समाधान होना ही चाहिए।"

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि वे सरकार में मंत्री जरूर हैं, लेकिन अपने समाज के लिए पहले एक वकील हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो निषाद समाज के हक और मान-सम्मान की बात करेगा, उत्तर प्रदेश में वही राज करेगा। अगर मांग पर गंभीरता से विचार कर इसे जल्द लागू नहीं किया गया, तो वे सरकार छोड़कर सड़क पर धरने पर बैठ जाएंगे।

भाजपा विधायकों से की आरक्षण की मांग उठाने की अपील संजय निषाद ने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए विपक्षी दलों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक अपनी आबादी के अनुपात से ज्यादा नौकरियों में 'साइकिल और हाथी वाले' बैठे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी विधायकों से भी अपील की कि वे सदन और सार्वजनिक मंचों पर निषाद आरक्षण की मांग को पुरजोर तरीके से उठाएं ताकि वंचित वर्ग को उनका हक मिल सके।

सियासी हलकों में हलचल वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधानसभा में निषाद पार्टी के पांच विधायक (ज्ञानपुर से विपुल दुबे, शाहगंज से रमेश सिंह, खड्डा से विवेकानंद पांडे, नौतनवां से ऋषि त्रिपाठी और मेहदावल से अनिल कुमार त्रिपाठी) हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री द्वारा धरने और इस्तीफे की खुली चेतावनी दिए जाने के बाद यूपी के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

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