नई दिल्ली: मशहूर कोचिंग गुरु और आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता अवध ओझा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तारीफ करते हुए बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि वे भाजपा के टिकट पर ही चुनाव लड़ना चाहते थे. आरएसएस की पत्रिका पाञ्चजन्य के ‘सुशासन संवाद- राजस्थान’ कार्यक्रम में शामिल हुए ओझा ने कहा कि राष्ट्रवाद, भारतीय परंपरा और संस्कृति जैसे मुद्दों पर वे आरएसएस के विचारों के करीब खुद को पाते हैं.
उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र करते हुए आरएसएस की भूमिका की सराहना की. ओझा ने बताया, “जब चीन से युद्ध हुआ तो आरएसएस ने नेहरू जी को पत्र लिखा कि सारी सेना और पुलिस को बॉर्डर पर लगा दो, आंतरिक प्रबंधन की जिम्मेदारी हमारी. कितनी बड़ी बात कही.” ओझा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भी तारीफ की. उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को काफी गति मिली.
अटल जी ने पाकिस्तान के प्रति भी सौहार्द दिखाया था. सबसे बड़ा खुलासा करते हुए अवध ओझा ने कहा कि उनकी विचारधारा अब भी वही है. 2024 में वे प्रयागराज (इलाहाबाद) से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें कैसरगंज सीट का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा, “मैं इलाहाबाद से मांग रहा था तो उन्होंने कहा कि कैसरगंज चले जाओ.”
गौरतलब है कि अवध ओझा 2025 में दिल्ली के पटपड़गंज सीट से आप के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. अब आरएसएस की तारीफ और भाजपा टिकट की चाहत का उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.