रांची: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन ने राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने सहयोगी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया है.
राहुल गांधी ने पत्र में साफ कहा कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है और उनकी मांगें जायज और वैध हैं. उन्होंने सोरेन से आग्रह किया कि वे खुद छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें. राहुल ने लिखा, “ऐसी बैठक सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी कि वह छात्रों की चिंताओं का समाधान कर रही है.”
यह पत्र ऐसे समय आया है जब आंदोलन अपना 24वां दिन पूरा कर चुका है और छह छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. इससे एक दिन पहले छात्रों ने हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले जलाए थे. सोरेन ने सोमवार को दोबारा वार्ता का निमंत्रण दिया है. यह सातवें दौर की बातचीत होगी, जबकि पिछले दौरों में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला.
छात्रों की मुख्य मांगें हैं, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना और अनियमितताओं की सीबीआई जांच. वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने की भी धमकी दे चुके हैं. सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, टेक्नोलॉजी आधारित परीक्षा, जवाब कुंजी समय पर जारी करने जैसे कदम घोषित किए हैं.
राहुल गांधी ने कांग्रेस की ओर से शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का समर्थन जताते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और इस संकट में उनकी एकजुटता जरूरी है. झारखंड की गठबंधन सरकार पर दबाव बढ़ रहा है. देखना होगा कि राहुल गांधी के इस पत्र के बाद हेमंत सोरेन छात्रों से व्यक्तिगत मुलाकात करते हैं या नहीं.