पहली बार संसद में राष्ट्रपति का सेंगोल से स्वागत, कौन था वो व्यक्ति जो सेंगोल लेकर चल रहा था आगे-आगे

Global Bharat 27 Jun 2024 05:47: PM 1 Mins
पहली बार संसद में राष्ट्रपति का सेंगोल से स्वागत, कौन था वो व्यक्ति जो सेंगोल लेकर चल रहा था आगे-आगे

आजाद हिंदुस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब राष्ट्रपति का स्वागत संसद भवन में सेंगोल के साथ किया गया. राष्ट्रपति जैसे ही नई संसद में दाखिल हुईं, उनके आगे-आगे एक मार्शल राजदंड यानी सेंगोल लेकर चल रहा था, जो विपक्ष को बिल्कुल भी रास नहीं आया.

समाजवादी पार्टी के सांसद आरके चौधरी ने बकायदा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख दिया. जिसमें सेंगोल को हटाकर संविधान की प्रति लगाने की मांग की गई. मोहनलालगंज से सपा सांसद आरके चौधरी का सवाल है कि देश संविधान से चलेगा या राजा की छड़ी से.

लालू यादव की बेटी मीसा भारती का कहना है कि सपा सांसद की ये मांग बिल्कुल जायज है. हालांकि बीजेपी का कहना है कि ये विपक्ष के नेता भारतीय संस्कृति का अपमान कर रहे हैं.

बीजेपी सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा सेंगोल इसलिए हैताकि कोई भी प्रधानमंत्री अराजकता, तानाशाही और इमरजेंसी की व्यवस्था लागू न कर पाए. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तो साफ कहा कि अगर ये राजा का डंडा है तो फिर नेहरू ने इसे क्यों स्वीकार किया.

दरअसल सेंगोल तमिल शब्द है, जिसका मतलब होता है राजदंड. पुराने जमाने में राजा इसका इस्तेमाल करते थे, इसे न्याय की छड़ी भी कहा जाता है. पहले ये सेंगोल प्रयागराज के आनंद भवन में नेहरू की छड़ी की तरह रखा था, जिसे बीजेपी संसद में रखकर भारतीय संस्कृति को जीवंत करने का दावा कर रही है.

Recent News