नई दिल्ली: फ्लाईदुबई विमान में कथित कॉकपिट हमले के दौरान सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अब राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से कैप्टन मच्छार को लेकर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आने पर सवाल उठाए हैं.
BJP ने पूछा- राहुल गांधी ने पोस्ट क्यों नहीं किया?
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया भर में कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना हो रही है, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने सवाल किया कि जब कोई भारतीय असाधारण साहस दिखाता है तो खुद को देशभक्त कहने वाला व्यक्ति चुप कैसे रह सकता है.
संबित पात्रा ने भी साधा निशाना
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर सवाल किया. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की हर भारतीय ने सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की. राहुल गांधी ने उनके बारे में एक्स पर पोस्ट क्यों नहीं किया, इसका जवाब वही दे सकते हैं.
पात्रा ने आगे कहा कि राहुल गांधी के किसी कदम के पीछे उनकी अपनी वजह हो सकती है. उन्होंने इसी संदर्भ में राहुल गांधी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया. हालांकि, ये बीजेपी के राजनीतिक आरोप हैं, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं.
‘भारतीयों की तारीफ करना राहुल की आदत में नहीं’
संबित पात्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी भारत के बारे में नकारात्मक बातें करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन भारतीयों की उपलब्धियों की प्रशंसा करना उनकी आदत में नहीं है. उन्होंने राहुल गांधी की ओर से भारतीय सशस्त्र बलों और सैनिकों से जुड़े मामलों में उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया.
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से सराहना की है. इसलिए बीजेपी की ओर से उठाया गया सवाल विशेष रूप से राहुल गांधी की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया को लेकर है, न कि कांग्रेस के हर नेता की प्रतिक्रिया को लेकर.
पीएम मोदी ने बताया ‘हीरो’
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की है. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मोदी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया और उनके प्रयासों से सैकड़ों जानें बचाने में मदद मिली. बाद में यूपीएससी के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन मच्छार ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी से मुकाबला किया और एक और 9/11 जैसी त्रासदी को रोकने में भूमिका निभाई.
राजनीति के बीच कैप्टन की बहादुरी पर देश की नजर
फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की चर्चा देश-विदेश में हो रही है. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके द्वारा दिखाई गई सूझबूझ और यात्रियों की सुरक्षा के प्रयासों की व्यापक सराहना हुई है. वहीं, उनके स्वास्थ्य को लेकर भी देशभर में लोग शुभकामनाएं दे रहे हैं.
इस बीच, कैप्टन मच्छार की बहादुरी को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी ने एक अलग बहस को जन्म दे दिया है—क्या किसी राष्ट्रीय संकट में किसी व्यक्ति की वीरता की सराहना भी राजनीतिक विवाद का विषय बननी चाहिए? फिलहाल BJP और कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच यह मुद्दा चर्चा में है.