लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ‘पीडीए पाठशाला’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पहल का मुकाबला करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है. भाजपा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 10 से 15 अगस्त तक आयोजित होने वाली ‘तिरंगा यात्रा’ को इस रणनीति का मुख्य आधार बनाया है, जिसके तहत पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश दिया जाएगा.
भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने अपने सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों को एक पत्र जारी किया है, जिसमें ‘तिरंगा यात्रा’ के दौरान विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं. पत्र में पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे इस अभियान के दौरान बच्चों और युवाओं को शामिल करें और प्रत्येक मतदान केंद्र पर कम से कम 500 तिरंगे फहराने का लक्ष्य पूरा करें. उत्तर प्रदेश के 1.6 लाख मतदान केंद्रों पर यह अभियान भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और भाजपा महिला मोर्चा के सहयोग से चलाया जाएगा.
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया, “सपा की ‘पीडीए पाठशाला’ एक संकीर्ण और विभाजनकारी रणनीति है, जो समाज को जाति और समुदाय के आधार पर बांटने का प्रयास करती है. इसके विपरीत, हमारी ‘तिरंगा यात्रा’ राष्ट्रीय एकता और समावेशिता का प्रतीक है. हमारा लक्ष्य है कि हर बूथ पर तिरंगा फहराकर बच्चों और युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत की जाए.”
पार्टी ने इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं. प्रत्येक बूथ पर स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों और गांवों में तिरंगा फहराने के कार्यक्रम आयोजित करेंगे. इसके अलावा, यात्रा के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की कहानियां और भारत की उपलब्धियों को भी प्रचारित किया जाएगा.
सपा की ‘पीडीए पाठशाला’ को लेकर अखिलेश यादव ने दावा किया था कि यह पहल सामाजिक न्याय और पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण के लिए है. हालांकि, भाजपा इसे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा की वोटबैंक राजनीति का हिस्सा मान रही है. इस संदर्भ में, भाजपा की ‘तिरंगा यात्रा’ न केवल सपा की रणनीति का जवाब है, बल्कि पार्टी की अपनी जन-जागरूकता और संगठनात्मक ताकत को प्रदर्शित करने का अवसर भी है.
भाजयुमो के एक नेता ने कहा, “यह अभियान न केवल सपा के प्रचार को काउंटर करेगा, बल्कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाएगा. हम हर गांव और हर बूथ तक पहुंचेंगे.” वहीं, महिला मोर्चा की एक कार्यकर्ता ने बताया कि महिलाओं को इस अभियान में विशेष रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि परिवार और समुदाय स्तर पर इसका प्रभाव बढ़े.
भाजपा ने इस अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर भी सक्रियता बढ़ा दी है, जहां #TirangaYatra और #HarBoothParTiranga जैसे हैशटैग के साथ प्रचार शुरू हो गया है. पार्टी का मानना है कि यह पहल न केवल सपा की ‘पीडीए पाठशाला’ को चुनौती देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश में उसकी देशभक्ति और एकता की छवि को और मजबूत करेगी.