लखनऊ : बाबा रामदेव और बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले कुछ समय से चल रही तीखी बयानबाजी आखिरकार एक मुलाकात के बाद थमती नजर आ रही है. जिस विवाद में कभी पतंजलि के घी को लेकर सवाल उठे, कभी उत्पादों की गुणवत्ता पर बयान आए और मामला मानहानि के मुकदमे तक पहुंच गया, उसी विवाद के बीच बुधवार को दोनों आमने-सामने मिले.
बृजभूषण शरण सिंह ने हाल के दिनों में पतंजलि के घी और दूसरे उत्पादों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने यहां तक कहा था कि विदेशों से कचरा लाकर रिफाइन करके भारत में बेचा जा रहा है. उन्होंने पतंजलि के घी की कीमत और उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए थे.
मामला इतना बढ़ा कि पतंजलि की ओर से बृजभूषण के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किए जाने की बात सामने आई. इसके बाद भी बृजभूषण अपने बयानों पर कायम नजर आए और कहा कि जरूरत पड़ी तो वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.
लेकिन अब तस्वीर बदल गई है. मुलाकात के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि वह विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और पिछले दिनों उठे विवाद को वहीं खत्म कर दिया गया है. उन्होंने पतंजलि के घी और दूसरे उत्पादों में मिलावट के आरोपों को भी खारिज किया.
यानी जिस विवाद में कुछ दिन पहले तक बयान पर बयान आ रहे थे, उसमें अब दोनों के बीच बातचीत के बाद सुलह का रास्ता दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरों को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है. लोगों का कहना है कि दोनों की मुलाकात देखकर ऐसा लगा जैसे पुरानी नाराजगी पीछे छूट गई हो.
अब सवाल यही है कि इस मुलाकात के बाद क्या ‘नकली घी’ और ‘कनाडा-सिंगापुर के कचरे’ जैसे आरोपों वाली बयानबाजी पर पूरी तरह विराम लगेगा. फिलहाल रामदेव के बयान से इतना साफ है कि वह इस विवाद को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं.