लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की बड़ी और दुखद खबर सामने आई है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का निधन हो गया है. उन्होंने लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में अंतिम सांस ली. राम गोविंद चौधरी लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज चल रहा था.
राम गोविंद चौधरी के निधन की खबर सामने आते ही समाजवादी पार्टी समेत राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई. बलिया की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले राम गोविंद चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं.
राम गोविंद चौधरी बलिया की चिलकहर और बांसडीह विधानसभा सीट से कुल आठ बार विधायक रहे. 1977 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी, इसके बाद लगातार कई चुनावों में उन्होंने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया.
चिलकहर विधानसभा सीट के परिसीमन के बाद उन्होंने बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से चुनावी राजनीति जारी रखी. 2017 में वह बांसडीह से आठवीं बार विधायक चुने गए.
राम गोविंद चौधरी को 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली थी. इसके अलावा वह समाजवादी पार्टी की सरकारों में मंत्री भी रहे. मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के कार्यकाल में उन्होंने अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी संभाली.
राम गोविंद चौधरी की पहचान बलिया के प्रमुख समाजवादी नेताओं में होती थी. दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहने के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई. लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जैसे नेताओं के साथ भी उनके राजनीतिक संबंध रहे.
2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बांसडीह सीट से हार का सामना करना पड़ा था.इसके बाद विधानसभा में उनका नेता प्रतिपक्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया था. वरिष्ठ समाजवादी नेता के निधन की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक है.