सरकार लोगों के हित के लिए कई योजनाएं शुरू करती है जिससे लोगों की जीवन शैली बहतर हो सके और सुधार आ सके, लेकिन कुछ लोग इन योजनाओं से लाभ उठाने के लिये अनुचित और गैरकानूनी कदम उठाने से भी नहीं हिचकते हैं. इसका ताज़ा उदाहरण उत्तर प्रदेश का हाथरस है जहां सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कार्यक्रम किया था ताकि गरीब लोगों को सरकारी अनुदान राशि का लाभ मिल सके.
हद तो तब हो गयी जब इस योजना का लाभ उठाने के लिये एक ही परिवार के सगे भाई-बहन दूल्हा-दुल्हन बन गये और अनुदान राशि सरकार से ली. इस मामले के शिकायतकर्ता आशीष कुमार ने बताया कि उन्हें कैसे इसके बारे में पता चला और शिकायत दर्ज कराई. जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए भाई-बहन ने शादी की.
बता दें कि इस योजना के तहत दुल्हन के बैंक खाते में 35000 भेजा जाता है और जोड़ों को जरूरी सामान दी जाbrother and sister became bride and groom ती है. इसके अलावा भी 6000 रुपए दिए जाते हैं. मीडिया रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि सिकंदराराऊ निवासी दो शादीशुदा जोड़ों को भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में दोबारा शादी कराई गई.
आसपास के लोगों ने एसडीएम के सामने इस मामले को उठाया था, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोगों का आरोप है कि नगर निगम के एक कर्मचारी ने सामुदायिक विवाह योजना का लाभ पाने के लिए ये शादियां करवाई थी. एसडीएम वेद सिंह चौहान ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है.