तिरुनेलवेली में दलित युवक की नृशंस हत्या: पिता का आरोप, "लड़की ने बेटे को मिलने के लिए मजबूर किया, परिवार ने मार डाला"

Amanat Ansari 30 Jul 2025 01:20: PM 5 Mins
तिरुनेलवेली में दलित युवक की नृशंस हत्या: पिता का आरोप,

तिरुनेलवेली: तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में एक 27 वर्षीय दलित युवक की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है. पीड़ित, कविन सेल्वा गणेश, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और चेन्नई में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में कार्यरत थे. उनके परिवार का दावा है कि यह एक जातिगत सम्मान हत्या (ऑनर किलिंग) थी, जो उनकी प्रेमिका के परिवार द्वारा की गई, जो अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय से थी. इस घटना ने जातिगत हिंसा और सामाजिक भेदभाव के मुद्दों को फिर से उजागर किया है.

कविन सेल्वा गणेश, जो तूतीकोरिन जिले के अरुमुगमंगलम के मूल निवासी थे, अपनी प्रेमिका सुभाशिनी से लंबे समय से रिश्ते में थे, जो मरावर उप-जाति से थी. सुभाशिनी एक सिद्ध चिकित्सक हैं और तिरुनेलवेली के केटीसी नगर में एक निजी सिद्ध क्लिनिक में काम करती हैं. दोनों का रिश्ता स्कूल के दिनों से था, लेकिन सुभाशिनी के परिवार, विशेष रूप से उसके भाई सूरजित और माता-पिता सर्वनन और कृष्णकुमारी ने इस अंतर-जातीय रिश्ते का कड़ा विरोध किया. लड़की के माता-पिता तमिलनाडु पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं.

27 जुलाई 2025 को, कविन अपने दादा के इलाज के लिए सुभाशिनी के क्लिनिक गए थे. पुलिस के अनुसार, सूरजित (21) ने बातचीत के बहाने कविन को क्लिनिक से 200 मीटर दूर एक सुनसान जगह पर बुलाया. वहां सूरजित ने कविन पर हंसिया से हमला किया और उनकी नृशंस हत्या कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कविन भागने की कोशिश की, लेकिन सूरजित ने उनका पीछा कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. यह हमला कविन की मां, एस. तमिलसेल्वी, जो एक स्कूल शिक्षिका हैं, के सामने हुआ.

कविन के पिता, चंद्रशेखर, ने तूतीकोरिन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मेरा बेटा इंजीनियरिंग पूरा करके चेन्नई में नौकरी कर रहा था. वे दोनों 11वीं कक्षा से एक-दूसरे से प्यार करते थे. लड़की ही मेरे बेटे को मिलने के लिए परेशान करती थी. वह नहीं जाना चाहता था. हम अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से हैं और वे थेवर समुदाय से हैं. लड़की के माता-पिता और भाई ने मेरे बेटे को बुलाकर मार डाला. हम न्याय मांगते हैं और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए."

तमिलसेल्वी ने अपनी शिकायत में दावा किया कि सूरजित ने अपने माता-पिता के उकसावे पर हत्या की. उन्होंने कहा, "सूरजित ने मेरे बेटे को चिल्लाते हुए पूछा कि वह अलग जाति की लड़की से प्यार करने की हिम्मत कैसे कर सकता है. फिर उसने हंसिया निकाला और उस पर बार-बार हमला किया." पलायमकोट्टई पुलिस ने सूरजित को गिरफ्तार कर लिया, जो घटना के बाद पलायमकोट्टई थाने में आत्मसमर्पण कर चुका था.

उसे गुंडा अधिनियम (Goondas Act) के तहत हिरासत में लिया गया है. सूरजित के माता-पिता, सर्वनन और कृष्णकुमारी, जो तमिलनाडु विशेष पुलिस (TSP) में सब-इंस्पेक्टर हैं, को 29 जुलाई को निलंबित कर दिया गया. दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है, जिसके खिलाफ कविन का परिवार और स्थानीय समुदाय विरोध कर रहे हैं.

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(b) (अश्लील कृत्य और गीत), 49 (उकसाने की सजा), 103(1) (हत्या की सजा) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 2015 की धारा 3(1)(r), 3(1)(s), और 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया है. जांच के लिए पलायमकोट्टई के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुरेश को नियुक्त किया गया है. पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज जब्त किया है और कविन के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए तिरुनेलवेली सरकारी अस्पताल भेजा गया है.

कविन के परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया, यह मांग करते हुए कि सर्वनन और कृष्णकुमारी को भी गिरफ्तार किया जाए. चंद्रशेखर ने कहा, "हमें मुआवजा नहीं, मेरे बेटे के लिए न्याय चाहिए." परिवार का दावा है कि सुभाशिनी के परिवार ने अपनी पुलिस की स्थिति का दुरुपयोग कर कविन को धमकाया और हत्या की साजिश रची. इस घटना की कई राजनीतिक नेताओं व सार्वजनिक हस्तियों ने इसकी निंदा की है.

  • एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने इसे डीएमके सरकार की सामाजिक न्याय में विफलता का उदाहरण बताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "स्टालिन की तथाकथित 'विफलता मॉडल' सरकार में जातिगत सम्मान हत्याएं खतरनाक रूप से बढ़ रही हैं. हाशिए पर पड़े समुदायों के खिलाफ हिंसा बेरोकटोक जारी है. मैं इस विफल सरकार की कड़ी निंदा करता हूं."
  • अभिनेता-राजनेता कमल हासन ने हत्या को "चौंकाने वाला" बताया और तमिलनाडु सरकार से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की. उन्होंने कहा, "सभी राजनीतिक आंदोलनों को जातिगत अत्याचारों के सामाजिक कलंक के खिलाफ एकजुट होना चाहिए. हमें यह मानना होगा कि जाति हमारा प्राथमिक दुश्मन है."
  • ज़ोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने लिखा, "कविन सेल्वागनेश की यह बेतुकी हत्या, जो एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से उठकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बना, चौंकाने वाली है. यह और भी हैरान करने वाला है कि यह हत्या कथित तौर पर पुलिस में कार्यरत एक दंपति के इशारे पर हुई. हमें समाज की जड़ों में और काम करना होगा."
  • एआईएडीएमके प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि यह हत्या डीएमके शासन में बढ़ती जातिगत हिंसा का लक्षण है. उन्होंने कहा, "सब-इंस्पेक्टर माता-पिता के पीछे की हत्या जातिगत विकृतियों को दर्शाती है. डीएमके के लिए सामाजिक न्याय और समानता केवल कागजों पर हैं."

स्थानीय अनुसूचित जाति नेता अरुमुगम ने कहा, "कविन नामक एक लड़के की सम्मान के नाम पर हत्या कर दी गई. वह इंजीनियरिंग पूरा करके टीसीएस में काम कर रहा था. लड़की ने उसे बुलाया और अपने परिवार के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. हमने इस हत्या की निंदा की और सुबह से विरोध किया. डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, इंस्पेक्टर और सहायक आयुक्त ने कहा कि वे लड़की के माता-पिता, जो दोनों सब-इंस्पेक्टर हैं, को गिरफ्तार करेंगे. इस पर विश्वास करते हुए हम यहां से जा रहे हैं. आज हम पचास लोग आए हैं. कल सैकड़ों लोग आएंगे और विरोध करेंगे."

क्षेत्र में तनाव के बाद पुलिस तैनात

घटना के बाद तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें 100 से अधिक कर्मी और दो इंस्पेक्टर शामिल हैं, ताकि कानून और व्यवस्था बनाए रखी जा सके. सूरजित से पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अपनी बहन के साथ कविन के रिश्ते को खत्म करने के लिए कहा था, लेकिन कविन के मना करने पर उसने हत्या की योजना बनाई. उसने कहा कि वह आत्मसमर्पण इसलिए कर रहा है क्योंकि उसे लगता है कि उसे अपने किए की सजा मिलनी चाहिए.

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