उधर डिंपल और अखिलेश यादव मैनपुरी से नामांकन कर रहे थे. इधर मायावती ने एक ऐसा उम्मीदवार भेज दिया इसके बाद मैनपुरी से डिंपल की हर लगभग पक्की हो गई है अखिलेश यादव से मायावती का सबसे बड़ा बदला क्या पूरा होने जा रहा है.
मायावती के इस कदम की आलोचना भी हो रही है राजनीतिक जानकार दावा कर रहे हैं की बहन मायावती ने और ऐन वक्त पर अपने उम्मीदवार को मैनपुरी में बदलकर बीजेपी के सारे रास्ते खोल दिए. बीएसपी ने पहले गुलशन देव शक्ति को टिकट दिया था मैनपुरी में शाक्य समाज की संख्या काफी अच्छी है. शाक्य बीजेपी का वोटर माना जाता है पिछली बार बीजेपी ने मुलायम सिंह यादव के सामने अपना उम्मीदवार एक शाक्य को ही बनाया था.डिंपल यादव की मैदान में जाने के बाद लड़ाई दिलचस्प हो गई है. अब बीएसपी ने अपना नया उम्मीदवार शिव प्रताप यादव को बनाया है यानी मैदान में दो यादव और बीजेपी के जयवीर के बीच मुकाबला होने जा रहा है.मायावती के साथ दलित वाटर होगा और यादवों का कुछ वोट भी ट्रांसफर होगा..पर सवाल उठता है मायावती डिंपल को क्यों हराना चाहती है.
मैनपुरी सीट पर प्रत्याशी बदलने की तैयारी एक दिन पहले ही हो गई थी...बसपा ने पहले शाक्य चेहरे के रूप में गुलशन देव शाक्य को प्रत्याशी घोषित किया था, परंतु नामांकन से पहले ही सोमवार को उनको लखनऊ बुला लिया गया... चर्चा थी कि प्रत्याशी बदला जा रहा है और अब उनके स्थान पर यादव चेहरे के रूप में भरथना के पूर्व विधायक शिव प्रसाद यादव को प्रत्याशी बनाया जाएगा.
मायावती ने जिस यादव को अपना उम्मीदवार बनाया वो बड़े नेता हैं और यादव उनको पसंद करते हैं...डिंपल यादव फिलहाल मैनपुरी से ही सांसद है...लेकिन इस बार मायावती ने मूड बना लिया हैं उन्हें हराने का.
मैनपुरी में करीब 18 लाख वोटर है, जिनसे करीब पांच लाख यादव वोटर है...उम्मीद है कि कुछ यादव वोटर बीजेपी के साथ भी जायेंगे, जबकि कुछ यादव डिंपल और बीएसपी उम्मीद के साथ जायेंगे...अखिलेश और डिंपल यादव को मायावती और बीजेपी ने पूरी तरह से घेर लिया है.
बीएसपी कुछ वक्त पहले तक लोकसभा चुनाव में कहीं नजर नहीं आ रही थी लेकिन मायावती ने सही उम्मीदवारों का चयन करके सबको चौंका दिया और बता दिया कि वह बंद कमरे में बैठकर भी सियासत की एक समझदार नेता है अखिलेश यादव आप मायावती को कितना भी कुछ कहे राजनीतिक जानकार कहते हैं डिंपल यादव की हर लगभग पक्की हो गई.