उत्तर प्रदेश में लखनऊ के अकबरनगर की तरह ही अब दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम में भी बुलडोज़र गरजने वाला है. करीब 200 मकान बुलडोज़र के निशाने पर आ गए हैं. निगम के नोटिस ने अवैध निर्माण करने वालों की रात की नीदं उड़ा दी है. क्योंकि जिन 200 मकानों पर बुलडोज़र चलाने का नोटिस दिया गया है उसमें लिखा है कि या तो अपने आप अपने भवन को तोड़ दें वरना निगम इनको तोड़ देगा. निगम की सख्ती से कुछ लोग परेशान हैं तो वहीं कुछ लोग इस फैसले की तारीफ भी कर रहे हैं.
दरअसल नगर निगम ने एलान कर दिया है मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में बिना अनुमति के भवनों का निर्माण करने वाले लोगों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अवैध निर्माणों पर अब बुलडोज़र चलेगा. ये फैसला एक सर्वे के बाद लिया गया. यही नहीं सर्वे के बाद निगम ने 2600 अवैध निर्माणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. साथ ही गुरुग्राम में 200 अवैध भवनों को गिराने का आदेश जारी कर दिया गया है.
अब हर हफ्ते की शनिवार को बुलडोज़र चलेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि निगमायुक्त ने चारों जोन की इनफोर्समेंट टीम को हर सप्ताह शनिवार को तोड़फोड़ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. सर्वे में सामने आया है कि शहर में अवैध निर्माणों की भरमार है. रिहायशी कॉलोनियों में बिल्डरों ने नियमों को ताक पर रखकर लगातार अवैध निर्माण किए जा रहे हैं. इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए निगम ने तैयारी की है.
2600 अवैध निर्माण कर्ताओं को कारण बताओ जारी किया गया है. सभी को एक सप्ताह के अंदर निगम में अपना जवाब देना है. अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो निगम की तरफ से उनको दोबारा डेमोलिशन ऑर्डर जारी किया जाएगा. इसके बाद टीम को भेजकर तोड़फोड़ करने की कार्रवाई की जाएगी. हालांकि कुछ लोगों का आरोप ये है कि नगर निगम के जोन-3 में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण का कार्य चल रहा है लेकिन वहां सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति की जा रही है. इनफोर्समेंट टीम की लापरवाही और धीमी कार्रवाई को देखते हुए ही निगम ने ये फैसला लिया और आदेश दिया कि हर सप्ताह कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसके बाद नोटिस जारी किये गए हैं.
किस जोन में कितने नोटिस दिए
● जोन-1 में 700 नोटिस
● जोन-2 में 800 नोटिस
● जोन-3 में 650 नोटिस
● जोन-4 में 450 नोटिस
200 से ज्यादा भवनों पर चलेगा बुलडोजर
निगम की टीमों ने करीब 200 अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया है. ऑर्डर में पांच दिन का समय देते हुए निगम ने कहा कि या तो अपने आप अपने अवैध निर्माणाधीन भवन को तोड़ ले अन्यथा निगम की तरफ से इनको तोड़ा जाएगा. नगर निगम ने अगले सप्ताह से अवैध निर्माणों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाने की योजना तैयार कर ली है. किसी भी प्रकार के विरोध से निपटने के लिए निगम ने पुलिस विभाग से फोर्स की भी मांग की है. नोटिस देने के बाद भी अवैध निर्माण नहीं तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रशासन तैयार है. साथ ही नगर निगम इसके लिए योजना तैयार कर ध्वतस्तीकरण की कार्रवाई करेगा.
आयुध डिपो में भी होगी कार्रवाई
आयुध डिपो में 30 से ज्यादा निर्माणों पर निशान लगाया गया है. यहां किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर पहले से ही रोक लगी हुई है. इसके बाद भी यहां लोगों द्वारा अवैध तरीके से भवनों का निर्माण किया जा रहा है. निगम की तरफ से अगले सप्ताह से तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू होगी. जिसकी तैयारी शुरू हो चुकी है.
तीन माह में तोड़े गए 60 से ज्यादा भवन
निगम की टीमों ने बीते तीन माह में आयुध डिपो में करीब 30 अवैध निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई की है. इसके अलावा 30 से ज्यादा अवैध निर्माणों को निगम की इनफोर्समेंट टीम ने तोड़ा है. इनफोर्समेंट टीम की तरफ से अवैध निर्माणों पर धीमी कार्रवाई को लेकर असतुष्टि जाहिर कर प्रत्येक सप्ताह कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
बुलडोज़र अब सिर्फ उत्तरप्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के दूसरे राज्यों में भी गरज रहा है. और अब बुलडोज़र गुरुग्राम की मिलेनियम सिटी पर चलने वाला है. जिससे लोगों में खलबली मच गई है. अवैध निर्माणों पर बुलडोज़र कार्रवाई का सड़क पर विरोध होता है लेकिन संसद के अंदर इसकी तरफ भी होती है. यहां तक कि जाने-अनजाने अब तो विपक्षी दल और विरोधी भी बुलडोज़र कार्रवाई की तारीफ कर जाते हैं. जैसे कि अभी हाल ही में अखिलेश यादव ने भरी संसद में योगी के बुलडोज़र कार्रवाई की तारीफ की थी. यानी एक तरह से कहा जाए तो हर कोई मानता है कि अवैध निर्माणों पर बुलडोज़र कार्रवाई होना सही है. नतीजा दूसरे राज्यों में भी धीरे-धीरे बुलडोज़र कार्रवाई बढ़ती जा रही है.