कलकत्ता हाईकोर्ट का बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर महत्वपूर्ण फैसला

Amanat Ansari 21 May 2026 08:53: PM 1 Mins
कलकत्ता हाईकोर्ट का बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर महत्वपूर्ण फैसला

कोलकाता: ईद-उल-अजहा (बकरीद) से ठीक पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी पशु वध नियमों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि 13 मई का सरकारी नोटिफिकेशन कोई नया नियम नहीं है, बल्कि 2018 के अपने पुराने आदेशों को लागू करने वाला है.

  • खुले में कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध: कोर्ट ने साफ निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी पशु (गाय, भैंस आदि) की खुलेआम कटाई पूरी तरह बंद रहेगी.
  • गाय की कुर्बानी अनिवार्य नहीं: हाईकोर्ट ने कहा कि इस्लाम में गाय की कुर्बानी धार्मिक रूप से जरूरी नहीं है. यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले (हनिफ कुरैशी मामले) पर आधारित है. कोर्ट ने राज्य सरकार को इसे नोटिफिकेशन में स्पष्ट रूप से शामिल करने का आदेश दिया.
  • सर्टिफिकेट अनिवार्य: अब किसी भी जानवर को काटने के लिए ‘फिट फॉर स्लॉटर’ प्रमाणपत्र जरूरी होगा. केवल 14 वर्ष से अधिक उम्र के या बीमार/घायल जानवरों को ही काटा जा सकेगा.

याचिकाकर्ताओं की आपत्ति

TMC विधायक अखरुज्जमान समेत कुछ मुस्लिम संगठनों ने कोर्ट में दलील दी कि ये नियम बकरीद की कुर्बानी को मुश्किल बना देंगे और ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालेंगे. उन्होंने त्योहार के लिए विशेष छूट देने की मांग की. हाईकोर्ट ने नियमों पर अंतरिम रोक तो नहीं लगाई, लेकिन राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सेक्शन-12 के तहत छूट देने के आवेदनों पर 24 घंटे के अंदर फैसला लिया जाए, क्योंकि ईद 27-28 मई को है.

संवैधानिक वैधता की चुनौती पर कोर्ट ने अभी कोई अंतरिम राहत नहीं दी. कोर्ट ने कहा कि कानून को तब तक वैध माना जाएगा, जब तक उसे असंवैधानिक घोषित न किया जाए. इस मामले पर अंतिम फैसला पूरी सुनवाई के बाद आएगा. यह फैसला बकरीद से पहले पशु वध को लेकर सख्ती और व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में देखा जा रहा है.

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