कोलकाता: ईद-उल-अजहा (बकरीद) से ठीक पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी पशु वध नियमों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि 13 मई का सरकारी नोटिफिकेशन कोई नया नियम नहीं है, बल्कि 2018 के अपने पुराने आदेशों को लागू करने वाला है.
याचिकाकर्ताओं की आपत्ति
TMC विधायक अखरुज्जमान समेत कुछ मुस्लिम संगठनों ने कोर्ट में दलील दी कि ये नियम बकरीद की कुर्बानी को मुश्किल बना देंगे और ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालेंगे. उन्होंने त्योहार के लिए विशेष छूट देने की मांग की. हाईकोर्ट ने नियमों पर अंतरिम रोक तो नहीं लगाई, लेकिन राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सेक्शन-12 के तहत छूट देने के आवेदनों पर 24 घंटे के अंदर फैसला लिया जाए, क्योंकि ईद 27-28 मई को है.
संवैधानिक वैधता की चुनौती पर कोर्ट ने अभी कोई अंतरिम राहत नहीं दी. कोर्ट ने कहा कि कानून को तब तक वैध माना जाएगा, जब तक उसे असंवैधानिक घोषित न किया जाए. इस मामले पर अंतिम फैसला पूरी सुनवाई के बाद आएगा. यह फैसला बकरीद से पहले पशु वध को लेकर सख्ती और व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में देखा जा रहा है.