लख़नऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन, समानता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी. सरकार का मानना है कि एक समान ड्रेस कोड से छात्रों के बीच समानता की भावना मजबूत होगी और शिक्षण संस्थानों में अनुशासित वातावरण तैयार होगा.
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि छात्र वर्ग एक समरूप समाज का प्रतिनिधित्व करता है, जहां किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए. कई बार महंगे और अलग-अलग पहनावे के कारण छात्रों के बीच आर्थिक और सामाजिक असमानता स्पष्ट दिखाई देती है. इससे कुछ छात्रों में हीन भावना पैदा होती है, जबकि कुछ में श्रेष्ठता का भाव विकसित हो जाता है. ऐसे में ड्रेस कोड लागू होने से इन समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और सभी छात्र समान माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे.
उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में केवल शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर ही नहीं बल्कि संस्कारित और सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है. ड्रेस कोड व्यवस्था छात्रों को अनुशासन, एकरूपता और जिम्मेदारी का एहसास कराएगी, इससे छात्र-छात्राओं का ध्यान फैशन या बाहरी दिखावे से हटकर पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा.
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक संस्कृति विकसित होगी. साथ ही शिक्षण संस्थानों में सामाजिक समरसता को भी मजबूती मिलेगी. उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार यह पहल विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.