IRS Prabha Bhandari : लखनऊ में तैनात रही एक महिला आईआरएस अधिकारी पर सीबीआई की कार्रवाई ने विभागीय हलकों में हलचल मचा दी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीजीएसटी झांसी की पूर्व डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है. जांच एजेंसी का आरोप है कि जनवरी 2023 से दिसंबर 2025 के बीच उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं ज्यादा खर्च और निवेश किया.
सीबीआई के मुताबिक शुरुआती जांच में करीब 43 लाख रुपये की संदिग्ध संपत्ति का पता चला है. एजेंसी का दावा है कि प्रभा भंडारी ने झांसी स्थित नमो होम्स परियोजना में लगभग 69 लाख रुपये का आलीशान विला खरीदा था. इसके अलावा बैंक खातों में जमा रकम, महंगे जेवर, एसयूवी वाहन और तलाशी के दौरान मिले नकदी को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है.
यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब जीएसटी मामलों में राहत दिलाने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में पहले ही प्रभा भंडारी की गिरफ्तारी हो चुकी थी. सीबीआई ने डेढ़ करोड़ रुपये के कथित जीएसटी घूसकांड की जांच के दौरान उन्हें हिरासत में लिया था. इसी मामले में विभाग के अन्य अधिकारियों और कुछ कारोबारियों के नाम भी सामने आए थे.
जांच एजेंसी ने इससे पहले झांसी सीजीएसटी के तत्कालीन अधीक्षक अजय शर्मा और अनिल तिवारी के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के अलग-अलग केस दर्ज किए थे. दोनों अधिकारियों को वर्ष 2025 के अंत में ट्रैप कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था.
प्रभा भंडारी वर्ष 2016 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं और वर्ष 2025 में उनकी झांसी में डिप्टी कमिश्नर पद पर तैनाती हुई थी. लेकिन महज कुछ महीनों के कार्यकाल में ही उन पर भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति जुटाने के गंभीर आरोप लग गए, अब सीबीआई इस पूरे नेटवर्क और संभावित वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है.