Changur Baba case: छांगुर बाबा ऊर्फ जलालुद्दीन को कोर्ट ने 7 दिन की रिमांड में भेजा है, जहां यूपी एटीएस के अलावा आईबी और एनआईए जैसी एजेंसियां उससे पूछताछ करने वाली हैं, जिसमें कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, पर इसी बीच कई बड़े खुलासे छांगुर के रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने किए हैं, जिसने इसके बचपन से अब तक के कारनामे खोलकर रख दिए हैं. इसने 158 करोड़ की संपत्ति के मालिक को अपनी जाल में फंसाया. इसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे, गांव वाले बताते हैं
“छांगुर के पिता फेरी का काम करते थे, और इसके भाई मजदूरी करते थे, इसकी शादी कुतबुनीशा से हुई थी, इनकी चार बेटियां हैं. चारों की शादी इसने जल्दी ही कर दी. साल 2011 में इसने अपनी पत्नी कुतबुनीशा का प्रधानी का चुनाव लड़वाया, वो जीती, इसने गरीबों की मदद की और फिर 2016 का चुनाव भी वही जीती, लेकिन अगली बार जैसे ही इसने बेटे महबूब को उतारा, रिश्तेदार ने ही खेल बिगाड़ दिया.”
यहां से छांगुर ने मुंबई का रुख किया, कोरोना के दौरान भी ये मुंबई में ही था, जहां इसने कई धार्मिक गुरुओं से मुलाकात की. दैनिक भास्कर अपनी रिपोर्ट में दावा करता है.
कहा जाता है छांगुर ने तब उसे एक नग वाली अंगूठी दी, जिसने नीतू की जिंदगी में चमत्कार का काम किया, और यहीं से नीतू और नवीन छांगुर के भक्त बन गए, छांगुर इतना शातिर था कि उसने इन दोनों से हलफनामा भी दिलवाया, जिसमें लिखा है
“हमने सोच-समझकर ये फैसला लिया है, इसमें कोई दबाव नहीं बनाया गया, भविष्य में कोई दिक्कत हुई तो हम इसके जिम्मेदार होंगे.”
करीब 158 करोड़ की प्रॉपर्टी नीतू औऱ नवीन के पास मुंबई में थी, जिसे बेचकर ये लोग छांगुर के कहने पर बलरामपुर आ गए, जो कोठी छांगुर बनवा रहा था उसमें भी इनका ही पैसा लगा होगा, ऐसे दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यहां गलती अपनी प्रॉपर्टी बेचकर किसी को पैसा देना या फिर महल बनवाना नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर कब्जे का है, जिसकी वजह से तीन दिनों से लगातार बुलडोजर चल रहा है. घरों से कई हैरान करने वाली चीजें मिल रही हैं, जिन विदेशी नस्ल के कुत्तों को गांववाले ले गए थे, वो पुलिस की चेतावनी के बाद उसे वापस वहीं छोड़कर चले गए, आसपास के लोग इस बात से हैरान हैं कि खुद को पीर बाबा बताने वाला छांगुर ने अपने महल को अय्याशी का अड्डा बना दिया था. वो 70 की उम्र में मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए खास तेल का इस्तेमाल करता था. ये बात और चौंकाने वाली है कि छांगुर की नजर अपने मकान के पीछे के 5 बीघे वाली मजार पर थी, वो एक कॉलेज भी खोलना चाहता था, अब कॉलेज खोलकर वो अपने खेल को कितना आगे बढ़ा सकता था, आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं.