नई दिल्ली: इरफान सोलंकी को सिर्फ तीन साल पहले तक लगता था. ये दुनिया उनकी बनाई है, खुद को कानपुर शहर का मालिक समझ बैठे थे! सपा विधायक इरफान सोलंकी का गुमान सातवें आसमान पर था, पर ये अंदाज़ा नहीं था. योगी आदित्यनाथ से पंगा लेना ठीक नहीं है! गैंगस्टर एक्ट योगी सरकार ने लगाया था. पुलिस ने कोर्ट में सबूत दिखाए और आख़िरकार कोर्ट ने इरफान सोलंकी को नेता नहीं गैंगस्टर मान लिया है!
कभी इरफान सोलंकी का ऐसा भौकाल था कि वो पुलिस कस्टडी में किसी फिल्मी हीरो की तरह स्टाइल मारता था, 2022 में जब उसे गिरफ्तार किया गया था, तो पुलिसवालों के मुंह पर हंसता था, कई तस्वीरें इसकी गवाही देती है! दरअसल इरफान सोलंकी को कोर्ट में पेश किया गया, वो फिलहाल महाराजगंज जेल में बंद है, उसकी पेशी के दौरान कानपुर कचहरी में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए, इरफान सोलंकी यहां मीडिया को देखकर दहाड़ मारने लगता है, कोर्ट रूम जाते वक्त कहता हैं कि 2027 का चुनाव लड़ूंगा! लेकिन कोर्ट रूम के अंदर जाते ही हेकड़ी निकल गई! जज साहब ने गैंगस्टर एक्ट में दोषी मान लिया है, सज़ा का ऐलान करना बाकी है.
इरफान सोलंकी एक गैंग चलाता था. गैंग में कुल सात लोग अपराधी हैं. जिसमें इसका भाई भी शामिल था, गैंगस्टर एक्ट में गैंग को ही गैंगस्टर माना गया! कोर्ट के इस फैसले के बाद इरफान कहता है, ''देर है लेकिन अंधेर नहीं, अल्हाह ने चाहा तो सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलेगी, मैं 2027 का चुनाव लड़ूंगा.''
इरफान सोलंकी की ये तस्वीर गैंगस्टर एक्ट तय होने से पहले की है, आख़िर ये कौन है? इतनी अकड़ क्यों है? क्या जुर्म की दुनिया में कोई ऐसा सच भी है जो इरफान सोलंकी ने हमेशा छिपाए रखा! 2012 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने, उसी दौरान सपा नए दौर में चली, कई मुस्लिम नेताओं का कद बढ़ा, उन्हीं में से एक इरफान सोलंकी था! कानपुर के लोग कहते हैं इरफान का कद जब बड़ा हुआ तभी UP में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बन गए!
वो सपा का नेता तो बन गया, अखिलेश ने उसे टिकट दिया, चुनाव भी जीत गया लेकिन उसने सरकार बदलने पर नियम नहीं बदला, योगी सरकार में भी इरफान सोलंकी वहीं काम करता जो सपा सरकार के दौरान करता, कई बार तो ये बच गया, लेकिन जब योगी पर इरफान ने सीधा प्रहार किया तो वो उस जाल में फंसा जहां से आज़म तक नहीं निकल पाए!
दो दिसंबर 2022 की बात है, योगी दोबारा मुख्यमंत्री बन चुके थे, इरफान का मन भी बढ़ चुका था, उसी दिन इरफान को पुलिस उठा लाई, जब पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची तो इरफान ने अपनी पूरी ताकत लगाई लेकिन योगी की सरकार में वो बच नहीं पाया! दो हफ्ते ही बीते थे कि 26 दिसंबर 2022 के दिन योगी के आदेश पर सबूतों के आधार पर इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी, इजरायल आटेवाला, मो. शरीफ, शौकत पहलवान, एजाज उर्फ अज्जन और मुरसलीन भोलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था, इरफान सोलंकी को मुख्य आरोपी बनाया गया.
अब कोर्ट ने भी गैंगस्टर मान लियाहैं, पत्नी नसीम सोलंकी उपचुनाव में जीतकर विधायक बन गई हैं, कुछ दिनों पहले ही योगी के सामने सपा नेता इरफान सोलंकी और आज़म ख़ान को छोड़ देने की गुहार लगा रहे थे, उस गुहार का भी कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि गैंगस्टर एक्ट में अगर दोषी माना जाएगा तो फिर मुश्किलें हमेशा-हमेशा के लिए बढ़ जाएंगी, गैंगस्टर समाज के लिए ख़तरा हो सकता है, इसलिए इरफान को कोर्ट हमेशा जेल ही में रखने का फैसला सुना सकती है! हालांकि ये तय करना अदालत का काम है कि वो क्या फैसला देती है.