पटना: लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री संजय सिंह पर लगे आरोपों को संगीन बताया है. उन्होंने बिहार सरकार से होटल कांड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. चिराग पासवान ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी के विधायक और मंत्री पर लगे आरोप गंभीर हैं. पार्टी ने उनसे जवाब-तलब भी किया है.
चिराग ने कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो कड़ी कार्रवाई होगी. उन्हें मंत्री पद और पार्टी दोनों से बाहर किया जाएगा तथा कड़ी सजा दिलाने में पार्टी अहम भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा, ''अगर ऐसा कृत्य मेरे परिवार का कोई सदस्य भी करेगा तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा.''
चिराग ने बिहार सरकार से अपील की कि इस मामले की अच्छी तरह जांच कराई जाए, ताकि सरकार की बदनामी न हो. होटल प्रबंधन और कथित पीड़ित युवती से भी आग्रह किया कि वे सामने आकर अपनी बात रखें. आरोप-प्रत्यारोप तक मामला नहीं रुकना चाहिए, तथ्य सामने आने चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद महुआ के पूर्व विधायक तेज प्रताप यादव के एक ट्वीट से शुरू हुआ. तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि दिल्ली के एक होटल में संजय सिंह ने कथित रूप से महिला कर्मचारी के साथ गलत व्यवहार किया, जिसके लिए महिला ने प्रतिकार भी किया. उन्होंने दावा किया कि मामला 25 लाख रुपए में रफा-दफा किया गया.
इन आरोपों के बाद मंत्री संजय सिंह ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ 50 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस भेज दिया है. चिराग पासवान ने साफ कहा कि दोषी पाए जाने पर न सिर्फ पद से मुक्त किया जाएगा, बल्कि पार्टी से भी दूर कर कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी.